सुप्रीम कोर्ट ने की नाराज़गी जाहिर, न्यायपालिका में भ्रष्टाचार सेक्शन पर हुआ विवाद

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नई दिल्ली। एनसीईआरटी की आठवीं की किताब में एक अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार सेक्शन पर विवाद हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और सीजेआई ने कहा कि किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट आज स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले पर सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार वाले पाठ पर स्वतः संज्ञान लेकर केस रजिस्टर किया है। यह केस सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को शाम करीब 4.40 बजे रजिस्टर किया गया। इस मामले पर गुरुवार को सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ सुनवाई करेगी।

बुधवार को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और मुकुल रोहतगी ने सीजेआई के सामने यह मामला उठाया था। इसके बाद, मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एनसीईआरटी किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर पर कड़ी नाराजगी जताई। सीजेआई ने कहा कि किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। नाराजगी जाहिर करते हुए सीजेआई ने कहा, ‘संस्था का प्रमुख होने के नाते मैंने हमेशा अपने दायित्व को निभाया है। मैं किसी को इस बात की इजाजत नहीं दूंगा कि वो न्यायपालिका को बदनाम करें। किसी कीमत पर मैं इसकी इजाजत नहीं दूंगा, कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो। कानून अपना काम करेगा। मैं जानता हूं कि इससे कैसे निपटा जाए। मैं स्वतः संज्ञान ले रहा हूं।’

दरअसल, एनसीईआरटी ने 24 फरवरी को कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की नई किताब जारी की, लेकिन किताब के एक अध्याय में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ का एक सेक्शन था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद) ने माफी मांगी है और विवादित चैप्टर वाली कक्षा 8 की किताब के वितरण पर रोक लगाई है।मामला सामने आने के बाद स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तुरंत निर्देश दिया कि अगली सूचना तक इस किताब का वितरण रोक दिया जाए। एनसीईआरटी ने आदेश मानते हुए किताब की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। एक बयान में एनसीईआरटी ने माना कि गलती अनजाने में हुई है। किसी भी संस्था की गरिमा कम करने का कोई इरादा नहीं था। अब इस अध्याय को दोबारा लिखा जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से सलाह ली जाएगी। सुधारी गई किताब शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में विद्यार्थियों को दे दी जाएगी। एनसीईआरटी ने इस गलती पर खेद जताते हुए माफी मांगी है और कहा है कि आगे से ऐसी गलती न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।