परमाणु मिसाइल साइट्स के पास लॉन्च पैड और बंकर बना रहा चीन, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

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चीन शिनजियांग के वीरान रेगिस्तान में गुपचुप तरीके से एक विशाल सैन्य ठिकाना बना रहा है। रक्षा और सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि इस खुफिया ठिकाने का मकसद अमेरिका के पहले परमाणु हमले को रोकना है, ताकि हमले के बाद भी चीन के परमाणु हथियार पूरी तरह नष्ट न हो पाएं। सीधे शब्दों में कहें, तो चीन खुद को इस कदर सुरक्षित कर रहा है कि वह पलटवार करने की अपनी ताकत को हर हाल में बचा सके।

चीन की परमाणु मिसाइलें आज भी अमेरिका के किसी भी शहर को अपना निशाना बना सकती हैं। लेकिन न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की हालिया सैटेलाइट से पता चलता है कि बीजिंग भूमिगत कुओं के पास लॉन्च पैड, बंकरों और संचार केंद्रों का जाल बुन रहा है, जहां उसकी सबसे लंबी दूरी की मिसाइलें तैनात हैं।

  • वीरान रेगिस्तान में सैन्य किला

विशेषज्ञों के अनुसार, यह नया सैन्य ढांचा शिनजियांग के पूर्वी रेगिस्तान में बने दो अष्टकोणीय ठिकानों के इर्द-गिर्द केंद्रित है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि इन अष्टकोणीय ढांचों के भीतर सैन्य वाहनों और सैनिकों के रहने की व्यवस्था है। इनके चारों तरफ बख्तरबंद बंकर, हथियारों के गोदाम, हवाई पट्टियां और रेलवे लाइनें बिछी हुई हैं जो इन्हें मुख्य परमाणु मिसाइल साइलो से जोड़ती हैं।

इस निर्माण का पैमाना इतना बड़ा है कि इसने दशकों से हथियारों पर नजर रखने वाले अनुभवी विश्लेषकों को भी चौंका दिया है। फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के न्यूक्लियर इंफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के निदेशक हंस क्रिस्टेंसन कहते हैं कि मैंने अपनी पूरी जिंदगी में ऐसा कुछ नहीं देखा। इतने दुर्गम और कठिन माहौल में इस स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार करना एक असाधारण और हैरान कर देने वाला काम है।

हवाई के पैसिफिक फोरम थिंक टैंक से जुड़े अलेक्जेंडर नील ने कहा कि हम देख सकते हैं कि यह ढांचा मिसाइल साइलो के मुख्य क्षेत्र से परे, हजारों वर्ग किलोमीटर के रेगिस्तान में फैला हुआ है। यह चीन के रणनीतिक परमाणु प्रतिरोध को बहुत अधिक मजबूत और विविध बनाने की कोशिश है।