लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों (एमएलसी) के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच जिलों में मतदान जारी है। लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और इटावा में मतदाता मतदान करने पहुंच रहे हैं। लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) की 11 सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है। इन 11 सीटों में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटें और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटें शामिल हैं। मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराया जा रहा है। वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी। वाराणसी में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 81 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 21 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 34,899 मतदाता वोट डालने के पात्र हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 288,567 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं। शांतिपूर्ण और सुचारु मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। एसीपी प्रज्ञा पाठक ने कहा, “एमएलसी चुनावों के लिए आज सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हो रहा है। विभिन्न मतदान केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया है, जहां सुरक्षा के लिए पुरुष और महिला, दोनों तरह के पुलिस अधिकारियों को लगाया गया है।
हरदोई में लखनऊ खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद निर्वाचन के लिए जीआईसी इंटर कॉलेज में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गया है। मतदान के बाद बाहर आए पहले मतदाता ने बताया कि केंद्र पर शांतिपूर्ण व्यवस्था के बीच मतदान किया जा रहा है। केंद्र के बाहर प्रशासन और पुलिस का सख्त पहरा है। मतदान केंद्र पर वीडियोग्राफी के साथ मतदान किया जा रहा है।
रायबरेली में भी मतदान जारी है। जिले में कुल 20 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 61 बूथों पर वोट डाले जा रहे हैं। स्नातक वर्ग के 29,261 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। शिक्षक वर्ग के 4,384 मतदाता मतदान करेंगे। मतदान केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने स्नातक चुनाव के लिए सैफई ब्लॉक में मतदान किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रामगोपाल यादव ने कहा, “हमारे दोनों उम्मीदवार जीतेंगे। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार आकाश अग्रवाल और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार जीतेंगे।
चुनाव में विपक्षी नेताओं को परेशान किए जाने के आरोप पर रामगोपाल ने कहा, “कल पुलिस औरैया में एक-दो जगहों पर गई थी। लेकिन मैंने चुनाव आयोग और पुलिस अधीक्षक से बात की थी। इसके बाद वे सब वहां से हट गए। वहां से या किसी और जगह से ऐसी कोई खबर नहीं आई है। अभी तक यहां किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं मिली है।वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों पर रामगोपाल यादव ने कहा, “मुझे फर्जी प्रविष्टियों के बारे में जानकारी नहीं है। लेकिन अगर नाम गलत लिखे गए हैं, तो मतदाताओं की भी यह जिम्मेदारी है कि वे उन्हें जांचें और सही समय पर आपत्ति जताएं। सारी जिम्मेदारी अधिकारियों पर डालना उचित नहीं है।
