‘ऑपरेशन क्राउन प्रिंस’ से टीएमसी में महाभूकंप: विधायकों के बाद अब ममता बनर्जी के सांसदों में बगावत का डर

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अंदरूनी संकट और गहरा गया है। ‘ऑपरेशन क्राउन प्रिंस’ के तहत बंगाल विधानसभा में मची बड़ी टूट के बाद अब ममता बनर्जी के संसदीय दल में भी फूट पड़ने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। खबर है कि अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव और कार्यशैली से नाराज कई सांसद बगावत कर अपना अलग गुट बनाने की तैयारी में हैं। इससे पहले टीएमसी के 80 में से 58 बागी विधायकों ने निष्कासित नेता रितब्रता बनर्जी के नेतृत्व में खुद को मुख्य विपक्षी गुट के रूप में स्थापित कर ममता बनर्जी को तगड़ा झटका दिया था।

संसदीय दल में फैलते इस असंतोष को थामने के लिए टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी अचानक तय समय से एक दिन पहले दिल्ली पहुंच गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, खुद ममता बनर्जी ने उन्हें सोमवार की अहम बैठक से पहले स्थिति संभालने के लिए दिल्ली भेजा है। दिलचस्प बात यह है कि सोमवार को ही अभिषेक बनर्जी को विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर विवाद के मामले में सीआईडी (CID) के सामने भी पेश होना है, जहां जांच एजेंसी ने उन्हें और वक्त देने से साफ इनकार कर दिया है।

इस बीच, बागी विधायक संदीपन साहा ने दावा किया है कि अभिषेक बनर्जी की तानाशाही के कारण दिल्ली में भी बंगाल जैसा ही खेल होने जा रहा है। वर्तमान में लोकसभा में टीएमसी के 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। दूसरी तरफ, वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने बगावत की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए बीजेपी पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पहले भी ऐसी कई लड़ाइयों को जीत चुकी हैं और पार्टी पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है।