दिल्ली कैबिनेट का बड़ा फैसला: GTB अस्पताल में बनेगा 250 बेड का सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक

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दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में यमुनापार के दिलशाद गार्डन स्थित गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में 250 बेड के सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दी गई है। करीब 244.87 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के फेज-IV के तहत तैयार की जाएगी।नए ट्रॉमा ब्लॉक का उद्देश्य गंभीर मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और आपातकालीन मामलों के लिए अस्पताल की क्षमता बढ़ाना है। प्रस्तावित सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को 24×7 इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं, जांच और सर्जरी जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।

सात मंजिला इमारत में 250 बेड और आधुनिक सुविधाएं
नया ब्लॉक GTB अस्पताल के मौजूदा परिसर में करीब 22,550 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। सात मंजिला इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और छह ऊपरी मंजिलें होंगी। इसमें 250 बेड, 48 विशेषज्ञ ओपीडी कमरे और 9 आधुनिक ऑपरेशन थिएटर प्रस्तावित हैं।बेसमेंट में ब्लड बैंक और प्रयोगशाला होगी, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर 24×7 इमरजेंसी के साथ CT स्कैन, MRI और एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दूसरी मंजिल पर ICU की व्यवस्था होगी। चौथी और पांचवीं मंजिल पर सामान्य और निजी वार्ड बनाए जाएंगे।कुल 250 बेड में 20 इमरजेंसी, 5 बर्न्स ICU, 70 ICU, 4 आइसोलेशन, 22 प्री और पोस्ट सर्जरी, 102 सामान्य और 25 निजी बेड शामिल होंगे। परियोजना में गंभीर मरीजों के लिए क्रिटिकल-केयर सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

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कई विशेषज्ञ सेवाएं एक ही परिसर में
प्रस्तावित ट्रॉमा ब्लॉक में न्यूरो, हड्डी, त्वचा और दंत चिकित्सा समेत विभिन्न विशेषज्ञ सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे दुर्घटनाओं और गंभीर आपातकालीन मामलों में मरीजों को जांच, विशेषज्ञ परामर्श और सर्जरी जैसी सेवाएं तेजी से उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, GTB अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुए ट्रॉमा और आपातकालीन सेवाओं की क्षमता बढ़ाना जरूरी है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य सरकारी अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने के साथ लोगों को जरूरत के समय बेहतर और समयबद्ध चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

हर तीन महीने में होगी परियोजना की समीक्षा
परियोजना की निगरानी के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी। समिति हर तीन महीने में बैठक कर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करेगी। परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है।नए ट्रॉमा ब्लॉक को 2028 में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। PMSSY फेज-IV के तहत बनने वाली इस परियोजना में केंद्र और दिल्ली सरकार की भागीदारी रहेगी और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार इसकी लागत दोनों सरकारों द्वारा वहन की जाएगी।