बिलासपुर। बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम लावर में पुरानी रंजिश को लेकर एक नाबालिग पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना रावण दहन के बाद भोथीडीह मिडिल स्कूल परिसर में हुई, जहां आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए चूड़ा और डंडे से नाबालिग के सिर, गले और हाथ पर हमला कर दिया। हमले में नाबालिग के सिर पर गंभीर चोट आई है। मामले में मस्तूरी पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चूड़ा और डंडा भी जब्त किया है।
दो माह पुरानी बात को लेकर हुआ विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच ग्राम लावर-भोथीडीह के मिडिल स्कूल परिसर में रावण दहन के बाद विवाद हुआ। बताया गया कि करीब दो माह पहले 17 वर्षीय भानू कैवर्त को एक अज्ञात लड़की के साथ पकड़े जाने की घटना को लेकर आरोपी अरुण खुटे उर्फ गुड्डू और उसके साथियों के बीच पुरानी रंजिश थी।
इसी बात को लेकर भानू कैवर्त ने अरुण खुटे से विवाद किया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से हाथ में पहने चूड़े और डंडे से उसके सिर, गले और हाथ पर हमला कर दिया। हमले में नाबालिग के सिर पर चोट आई, जबकि गले और हाथ में भी चोटें लगीं।
ये पांच आरोपी गिरफ्तार
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना मस्तूरी में अपराध क्रमांक 773/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 115(2), 191(1), 191(2), 109 एवं 324(4) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए निम्नलिखित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- अरुण कुमार खुटे उर्फ गुड्डू सतनामी (21 वर्ष), पिता गणेश खुटे, निवासी ग्राम लावर, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर।
- संजीत कारके (27 वर्ष), पिता श्यामलाल कारके, निवासी ग्राम लावर, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर।
- संजू कारके (22 वर्ष), पिता श्यामलाल कारके, निवासी ग्राम लावर, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर।
- सिद्धार्थ उर्फ चिंटू कारके (26 वर्ष), पिता भुनेश्वर कारके, निवासी ग्राम लावर, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर।
- संजू उर्फ शुभम यादव (26 वर्ष), पिता जनक यादव, निवासी ग्राम लावर, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर।
चूड़ा और डंडा जब्त, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
मस्तूरी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना में प्रयुक्त चूड़ा और डंडा जब्त किया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
