आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची रेल, बस्तर के विकास को मिलेगी नई गति

Follow Us

ताड़ोकी–रावघाट के बीच 17.5 किमी रेलखंड का उद्घाटन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी

कांकेर। बस्तर अंचल में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट के बीच नवनिर्मित 17.5 किलोमीटर रेलखंड का उद्घाटन किया गया। आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुंचने से क्षेत्र के लोगों का लंबे समय से देखा जा रहा सपना साकार हुआ है। इस रेलखंड के शुरू होने से दूरस्थ अंचलों के लोगों को राजधानी रायपुर सहित अन्य प्रमुख स्थानों तक आवागमन की सुविधा मिलेगी।

रेल सेवा का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर किया। वहीं, कांकेर सांसद भोजराज नाग और अंतागढ़ विधायक विक्रम देव उसेंडी ने रावघाट रेलवे स्टेशन से रावघाट–रायपुर मेमो पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सांसद और विधायक ने ग्रामीणों के साथ रावघाट से अंतागढ़ तक रेल यात्रा भी की। यात्रियों को निःशुल्क डेमो टिकट कार्ड वितरित किए गए।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंच होगी आसान

रावघाट तक रेल सेवा शुरू होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों, श्रमिकों और व्यापारियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। अब विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के लिए शहरों तक पहुंचना आसान होगा, वहीं मरीज कम समय और खर्च में बड़े अस्पतालों तक जा सकेंगे। इसके अलावा युवाओं को रोजगार के अवसर तलाशने और स्थानीय व्यापारियों को अपनी गतिविधियों का विस्तार करने में मदद मिलेगी।

अब तक दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित परिवहन साधनों के कारण इस क्षेत्र के लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रेल संपर्क बढ़ने से यात्रा के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा और दूरस्थ गांवों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से मजबूत होगा।

1,628 करोड़ रुपये की रेल परियोजना का अहम पड़ाव

दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन परियोजना लगभग 1,628 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है। करीब 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के अंतर्गत ताड़ोकी से रावघाट तक 17.5 किलोमीटर रेलखंड का निर्माण पूरा हुआ है। इस विस्तार से बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं के विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं।

रावघाट से रायपुर के लिए मेमो पैसेंजर ट्रेन संख्या 68769 का प्रस्थान सुबह 6:30 बजे प्रस्तावित है। रायपुर तक सामान्य किराया 55 रुपये बताया गया है। इससे यात्रियों को राजधानी तक पहुंचने के लिए किफायती रेल विकल्प उपलब्ध होगा।

बस्तर के विकास को मिलेगी नई दिशा

सांसद भोजराज नाग ने रावघाट तक रेल पहुंचने को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग लंबे समय से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे थे। दुर्गम क्षेत्र में रेल लाइन का विस्तार चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन अब इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

रेल संपर्क के विस्तार से स्थानीय लोगों का दूसरे क्षेत्रों से जुड़ाव बढ़ेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद है। यह परियोजना बस्तर के दूरस्थ इलाकों को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

रावघाट–रायपुर मेमो पैसेंजर ट्रेन के शुभारंभ अवसर पर प्रधान मुख्य यांत्रिकी इंजीनियर मनीष अग्रवाल, मुख्य महाप्रबंधक रावघाट अनूप बिष्ट, ईडी रावघाट अरुण कुमार, भावेश पांडेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, जनपद पंचायत अंतागढ़ की अध्यक्ष मनोरमा मंडावी, नगर पंचायत अंतागढ़ के अध्यक्ष राधेलाल नाग, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रुपसाय सलाम और ग्राम पंचायत रावघाट के सरपंच प्यारेलाल उसेंडी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अलावा अंतागढ़ के अपर कलेक्टर एवं एसडीएम गंगाधर वाहिले, कांकेर और नारायणपुर जिलों के पंच-सरपंच, जिला प्रशासन तथा रेलवे के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।