फिल्म सिटी : 1500 पेड़ों की कटाई के खिलाफ कांग्रेस का चिपको आंदोलन, पेड़ों से चिपककर किया विरोध

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रायपुर । छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित माना-तूता इलाके में प्रस्तावित ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ परियोजना अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। करीब 70 एकड़ जमीन पर बनने वाली इस फिल्म सिटी के लिए लगभग 1500 पेड़ों की कटाई का मुद्दा तूल पकड़ चुका है। कांग्रेस ने इसे हरियाली पर हमला करार दिया है, जबकि सरकार इसे रोजगार, पर्यटन और फिल्म उद्योग के लिए बड़ा अवसर बता रही है। नवा रायपुर के सेक्टर-23 राज्योत्सव स्थल के सामने चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण प्रस्तावित है। यह परियोजना पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित की जा रही है। 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसका भूमिपूजन किया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने की तैयारी पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। विकास के नाम पर हरित क्षेत्र को समाप्त करना भविष्य के लिए नुकसानदेह साबित होगा। इसी के विरोध में कार्यकर्ता मौके पर पहुंचकर ‘चिपको आंदोलन’ के जरिए संदेश दे रहे कि पेड़ों की रक्षा जरूरी है। कांग्रेस का तर्क है कि नवा रायपुर पहले से ही सुनियोजित शहर है और परियोजना के लिए वैकल्पिक स्थल तलाशे जा सकते हैं। बिना पर्यावरणीय प्रभाव का व्यापक अध्ययन किए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई उचित नहीं है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन को लेकर बहस

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, फिल्म सिटी परियोजना राज्य में निवेश, रोजगार और फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है। इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल, पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार पेड़ों की कटाई के फैसले पर पुनर्विचार करती है या आंदोलन और व्यापक रूप लेता है।

प्रोजेक्ट से करीब 400 से 500 करोड़ रुपए निवेश आने का दावा

परियोजना में अत्याधुनिक स्टूडियो, आउटडोर शूटिंग सेट, कलाकारों और तकनीशियनों के लिए आवासीय सुविधाएं और एक कन्वेंशन सेंटर शामिल करने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 400 से 500 करोड़ रुपए का निवेश आएगा और छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग को एक नया केंद्र मिलेगा। विवाद की मुख्य वजह माना-तूता क्षेत्र में प्रस्तावित पेड़ों की कटाई है। कांग्रेस का आरोप है कि फिल्म सिटी निर्माण के लिए लगभग 1500 पेड़ों को हटाने की योजना है, जिनमें से 100 से 200 पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इनमें कई 40 साल पुराने पेड़ भी शामिल हैं।

विकास चाहिए, विनाश नहीं’ के लगे नारे

कांग्रेस का कहना है कि ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किए जा रहे नवा रायपुर में इतने बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर्यावरण संतुलन को गंभीर नुकसान पहुंचाएगी। पेड़ों की कटाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। रायपुर के तूता गांव में कार्यकर्ता पेड़ों से चिपक गए और ‘विकास चाहिए, विनाश नहीं’ के नारे लगाए। प्रदर्शन में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन,पप्पू बंजारे, पंकज शर्मा, कृणाल सिन्हा समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने निर्माण स्थल पर खोदे गए गड्डों में उतरकर भी विरोध जताया। कांग्रेस ने मांग की है कि या तो परियोजना की लोकेशन बदली जाए या पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।