रायपुर। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की 15 जनकल्याणकारी योजनाएं निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश के 47 हजार 11 पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों को कुल 18 करोड़ 96 लाख 73 हजार रुपये का लाभ दिया गया। यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में संचालित इन योजनाओं के जरिए मातृत्व सहायता, साइकिल, औजार, सुरक्षा उपकरण, आवास और स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 1,975 हितग्राहियों को 3 करोड़ 95 लाख रुपये, मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना में 220 हितग्राहियों को 8.15 लाख रुपये से अधिक और श्रमिक औजार सहायता योजना के तहत 509 हितग्राहियों को 17.44 लाख रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई।
श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 38,380 हितग्राहियों को 6 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक दिए गए। वहीं, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 904 हितग्राहियों को 60.64 लाख रुपये से अधिक तथा निःशुल्क गणवेश और पुस्तक-कॉपी सहायता योजना में 1,243 हितग्राहियों को 17.59 लाख रुपये की मदद मिली। उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना के तहत तीन हितग्राहियों को भी आर्थिक सहायता दी गई।
सामाजिक सुरक्षा के तहत निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से संबंधित हितग्राहियों को सहायता राशि प्रदान की गई। इसके अलावा, दीर्घायु सहायता और श्रमिक सियान सहायता योजनाओं के माध्यम से भी पात्र श्रमिकों को लाभ मिला। महिला श्रमिकों को सशक्त बनाने के लिए नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 1,957 हितग्राहियों को 3 करोड़ 91 लाख 40 हजार रुपये तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना में 12 हितग्राहियों को 13 लाख 37 हजार 200 रुपये दिए गए। सुरक्षा उपकरण सहायता और आवास सहायता योजनाओं के जरिए भी श्रमिकों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को आर्थिक मजबूती, बच्चों को बेहतर शिक्षा और जरूरत के समय सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

