लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। विधान भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग श्रीराम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी करते रहे और मंदिर के लिए एक रुपया तक नहीं दिया, वही आज उसके चंदे पर सवाल उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है और विपक्ष को हंगामे के बजाय किसानों, युवाओं, महिलाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और गरीबों के कल्याण जैसे जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की पहचान बदली है और राज्य देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है।
किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में किसानों को सिंचाई, गन्ना भुगतान और अन्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था, जबकि वर्तमान सरकार ने सिंचाई का दायरा बढ़ाया, मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई और गन्ना किसानों को तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है।
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार, निवेश, मिशन शक्ति अभियान और औद्योगिक विकास की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं और अन्य कर्मियों के हित में जल्द नई व्यवस्था लागू करने की बात कही। साथ ही सावन के अवसर पर कांवड़ यात्रियों का स्वागत करते हुए उनकी सुरक्षा और सुविधाओं के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सकारात्मक भूमिका निभाने और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सदन में रचनात्मक चर्चा करने की अपील की।
