नई दिल्ली। लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भारत टेक्स 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित देश के बुनकरों, कारीगरों, हथकरघा क्लस्टरों और वस्त्र उद्योग को मिल रहे अवसरों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनके प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने बताया कि भारत टेक्स 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5F विज़न को आगे बढ़ाते हुए भारतीय वस्त्र उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नई पहचान दिलाने का प्रभावी मंच बन चुका है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कुशल कारीगर और बुनकर केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि भारत टेक्स जैसे मंच स्थानीय बुनाई, हथकरघा और हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों और निवेशकों से जोड़ रहे हैं, जिससे कारीगरों की आय बढ़ाने और भारत को वैश्विक टेक्सटाइल लीडर बनाने की दिशा में नई संभावनाएं खुल रही हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और हस्तशिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए ऐसे मंचों का अधिकतम लाभ राज्य के कारीगरों तक पहुंचना चाहिए।केंद्र सरकार ने अपने जवाब में बताया कि भारत टेक्स 2026 में छत्तीसगढ़ को 100 वर्गमीटर का विशेष प्रदर्शनी पवेलियन उपलब्ध कराया गया, जहां राज्य के हथकरघा उत्पादों, वस्त्र परंपरा और क्षेत्रीय क्लस्टरों का प्रदर्शन देश-विदेश के खरीदारों, वैश्विक ब्रांडों और निवेशकों के सामने किया गया।
सरकार के अनुसार, भारत टेक्स 2026 में 138 देशों के 6,090 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान 29,000 से अधिक बी2बी बैठकें हुईं, 500 से अधिक नए भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में मदद मिली और 22 नए अंतरराष्ट्रीय खरीदार बाजार जुड़े।सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र क्षेत्र ‘लोकल टू ग्लोबल’ की नई पहचान बना रहा है और छत्तीसगढ़ के बुनकर, कारीगर तथा एमएसएमई इस बदलाव के प्रमुख भागीदार बनेंगे।
