विचार

मनुष्य एवं मनुष्यता-डॉ.माणिक विश्वकर्मा

जीवन में दिखावे की संस्कृति, स्वार्थलोलुपता एवं संवेदनहीनता बढऩे के कारण मनुष्य धीरे-धीरे मनुष्यता खोता जा रहा है। परिणामस्वरूप मानवीय मूल्यों में गिरावट आने लगी है हालांकि दुनियाभर में इसके…
June 15, 2026

बारह साल : कुछ सवाल-गिरीश पंकज

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल से भी आगे निकल कर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार बारह वर्षों का कार्यकाल पूरा कर लिया है। यह सचमुच यह…
June 13, 2026

बेरहम नहीं बेहतरीन हो जीवन शैली-विजय मिश्रा

‘देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान, कितना बदल गया इंसान। सूरज ना बदला,चांद ना बदला,ना बदला रे आसमान, कितना बदल गया इंसानÓ। वर्ष 1958 मे रीलिज फिल्म…
June 12, 2026

रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका और मीनाक्षी नटराजन की सजगता पर उठते सवाल-रंजन श्रीवास्तव

5 जनवरी, 1965 को जन्मे दिल्ली के निवासी अरविंद शर्मा की भूमिका आज चर्चा में है. दिल्ली विश्वविद्यालय से विज्ञान और विधि स्नातक तथा हिमाचल विश्वविद्यालय से लोक प्रशासन में…
June 11, 2026

ममता की ‘अग्नि परीक्षा’-संजीव वर्मा

पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में संकट लगातार गहराता जा रहा है। विधानसभा में 58 विधायकों की बगावत से जूझ रही टीएमसी को अब…
June 10, 2026

स्वयंभू वीआईपी कल्चर का प्रकोप-डॉ.माणिक विश्वकर्मा ‘

आजकल स्वयंभू वीआईपी लोगों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। हर कोई अग्र पंक्ति में बैठना चाहता है, माला पहनना चाहता है चाहे वह उसके लायक हो…
June 7, 2026