नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई घटना के बाद इलाज करा रहे भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉल पर बातचीत की। करीब नौ मिनट की बातचीत में दोनों के बीच उस घटना और उससे निपटने के दौरान सामने आई परिस्थितियों पर चर्चा हुई। कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि किस तरह गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयास जारी रखा। पीएम मोदी ने उनकी बहादुरी और धैर्य की सराहना करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
बातचीत में कैप्टन स्मित ने बताया कि संकट के दौरान वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उनके मुताबिक, मुश्किल समय में इससे उन्हें मानसिक ताकत मिली। उन्होंने बताया कि हमले में घायल होकर जब वह नीचे गिर गए, तब उन्हें एहसास हुआ कि समय गंवाना यात्रियों के लिए खतरनाक हो सकता है। इसके बाद उन्होंने दोबारा उठने की कोशिश की और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलने के बाद चालक दल और यात्रियों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली। अपनी आपबीती सुनाते हुए कैप्टन भावुक भी हो गए।
प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित की मां गीताबेन का भी जिक्र किया और उनकी परवरिश में मिले संस्कारों की सराहना की। पीएम मोदी ने कहा कि पूरे देश की शुभकामनाएं उनके साथ हैं और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए वह उपलब्ध हैं। कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से बातचीत को अपने जीवन का यादगार और गर्व का क्षण बताया। इससे पहले पीएम मोदी ने उनके परिवार से भी बात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया था।
FZ1073 फ्लाइट दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान सह-पायलट द्वारा कथित हमले के बाद कॉकपिट में दोनों के बीच संघर्ष की स्थिति बनी और विमान की ऊंचाई तेजी से कम हुई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने नियंत्रण संभालने की कोशिश जारी रखी। बाद में विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई। घटना के बाद कैप्टन की बहादुरी की कई स्तरों पर सराहना हुई और गुजरात सरकार ने उन्हें ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ देने की घोषणा की।
