तिरंगा मार्च को लेकर विवाद के बीच भाजपा नेता ने लगाया विदेशी साजिश का आरोप, मस्क और सीजेपी के बीच संबंधों के समर्थन में नहीं दिए कोई सबूत
नई दिल्ली। दिल्ली के कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा मार्च को लेकर जारी विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी के नेता बृजभूषण शरण सिंह ने दावा किया है कि यह आंदोलन दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल एलन मस्क के इशारे पर चलाया जा रहा है।
उन्होंने इसे भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश बताते हुए आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें और कारोबारी हित इस विरोध प्रदर्शन को पीछे से समर्थन दे रहे हैं। बृजभूषण शरण सिंह ने आंदोलन के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पूरा प्रदर्शन एलन मस्क के इशारे पर आयोजित किया जा रहा है। उनके मुताबिक, भारत की तुलना जानबूझकर बांग्लादेश और पाकिस्तान से की जा रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश के इतिहास में पहली बार किसी राजनीतिक मार्च का आयोजन उच्चतम न्यायालय को डराने और उस पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।भाजपा नेता ने विदेशी कंपनियों और कारोबारी हितों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ विदेशी लोग भारत में कारोबार तो करना चाहते हैं, लेकिन अपनी शर्तों पर। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे विदेशी तत्व और कारोबारी हित मौजूदा आंदोलन को पीछे से बढ़ावा देने के साथ ही उसे आर्थिक सहायता भी दे रहे हैं।
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बृजभूषण सिंह ने इस विरोध प्रदर्शन को भारत के खिलाफ कथित बड़ी साजिश का हिस्सा बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य उच्चतम न्यायालय को डराना है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, बृजभूषण सिंह ने एलन मस्क और सीजेपी के बीच सीधे संबंध होने के अपने दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक या आधिकारिक सबूत पेश नहीं किया है। ऐसे में उनके इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सीजेपी और विपक्षी दल निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बड़े पैमाने पर गड़बडिय़ों का आरोप लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की जा रही है। इसी विवाद के बीच कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने और मार्च निकालने की योजना को लेकर तनाव बढ़ गया।
शुक्रवार शाम दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने रानी झांसी रोड स्थित एक घर से बाहर निकलते ही उन्हें घेर लिया। इस दौरान दिपके और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई। इससे पहले पुलिस दिपके के आवास पर पहुंची थी और उन्हें मार्च नहीं निकालने के लिए पाबंद किया था। प्रस्तावित मार्च को लेकर पुलिस की कार्रवाई के बाद विवाद और तेज हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, विवाद के बीच पुलिस ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के पास तीन महिलाओं को तिरंगा फहराने की अनुमति दी। उन्हें सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए कहा गया। वहीं, छात्र नेता नेहा बोरा ने अपने साथियों के साथ सेंट्रल पार्क जाने के बजाय मंडी हाउस में तिरंगा फहराने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नेहा बोरा और उनके साथियों को भी हिरासत में ले लिया।
सीजेपी के प्रस्तावित मार्च, मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जारी विरोध और विदेशी साजिश के आरोपों के बीच दिल्ली में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। बृजभूषण सिंह के एलन मस्क से जुड़े दावे की पुष्टि के लिए फिलहाल कोई सबूत सामने नहीं आया है।
