नई दिल्ली। नीट- यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि, उनका पूरा सार्वजनिक जीवन शिक्षा सुधार और युवाओं के हितों के लिए समर्पित रहा है। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि परीक्षा से जुड़ी शिकायतों के सामने आते ही सरकार ने तत्काल कदम उठाए। मामले की जांच सीबीआई को सौंपने, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और भविष्य में NEET को कंप्यूटर आधारित मोड में कराने जैसे फैसले लिए गए।
उन्होंने कहा कि, लाखों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना उनकी प्राथमिकता रही। दोबारा आयोजित परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, लेकिन पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें काफी प्रभावित किया। प्रधान ने कहा कि, यह फैसला व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने का विषय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रालय के अधिकारियों और सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि, आगे भी वह देश और युवाओं के हित में काम करते रहेंगे।

