वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद भी अपने रुख में बदलाव से इनकार किया। उन्होंने 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत अस्थायी आयात शुल्क लगाने का आदेश जारी किया। ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होगा। आपको बता दें की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी अपनी टैरिफ नीति से पीछे हटने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार देकर उसे हटाने का आदेश दिया, लेकिन ट्रंप ने तुरंत 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने का एलान कर दिया। व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए जब ट्रंप से भारत के साथ व्यापार समझौते पर ग्लोबल टैरिफ के असर को लेकर सवाल किया गया तो ट्रंप ने साफ कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कुछ नहीं बदलेगा। ट्रंप का ग्लोबल टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और फिलहाल यह 150 दिनों तक लागू रहेगा। उसके बाद अमेरिकी संसद में इस पर प्रस्ताव लाया जाएगा और फिर अमेरिकी संसद तय करेगी कि इसे आगे बनाए रखना है या नहीं।
वहीं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद और उसके बाद ट्रंप द्वारा 10 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ लगाने के बाद अब सवाल उठता है कि भारत पर कितना टैरिफ लगेगा? सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। कई देशों पर 10 प्रतिशत से ज्यादा टैरिफ था, जिनमें यूरोपीय संघ पर 15 प्रतिशत, जापान पर 15 प्रतिशत, ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत और भारत पर 18 प्रतिशत। अब ग्लोबल टैरिफ के बाद इन सभी देशों पर टैरिफ घटकर 10 प्रतिशत हो जाएगा। इस तरह भारत पर भी अब 18 के बजाय 10 प्रतिशत टैरिफ ही लागू होगा। ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ घोषित अंतरिम व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कुछ नहीं बदलेगा। भारत टैरिफ देगा और हम नहीं देंगे। उनके अनुसार यह पहले की स्थिति से उलट है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों को बहुत अच्छा बताया। हाल ही में अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ हटाए थे और नए ढांचे के तहत इसे घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही थी।
वहीं प्रेस वार्ता में ट्रंप ने फिर दावा किया कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को 200 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अनुरोध पर भारत ने रूस से तेल खरीद में कमी की। हालांकि इन दावों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि टैरिफ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी हैं। नए कार्यकारी के आदेश के तहत अमेरिका में आने वाले सभी आयातित सामान पर 10 प्रतिशत नया शुल्क लगेगा। यह 150 दिनों के लिए प्रभावी रहेगा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय भुगतान असंतुलन को ठीक करने और अमेरिकी उद्योग, किसानों व निर्माताओं के हित में उठाया गया है। ट्रंप ने दोहराया कि टैरिफ उनकी आर्थिक नीति का अहम हिस्सा हैं और इससे अमेरिका को लाभ होगा। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों से अधिक जाकर टैरिफ लगाए। इसके बाद व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ट्रंप ने फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय निराशाजनक है। उन्होंने कुछ जजों की आलोचना भी की। फैसले के कुछ ही घंटों के भीतर ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत नया अस्थायी आयात शुल्क लगाने का आदेश जारी कर दिया।
