दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ के संविदा कर्मचारियों ने उठाई वेतन वृद्धि की मांग

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o तीन वर्षों में एक बार भी नहीं हुई वेतन वृद्धि, महंगाई के अनुरूप वेतन बढ़ाने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की मांग उठाई है। महासंघ ने शासन को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि पिछले तीन वर्षों में कर्मचारियों के वेतन में एक बार भी वृद्धि नहीं की गई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच वेतन वृद्धि नहीं होने से संविदा कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने कहा कि छत्तीसगढ़ भाजपा के घोषणा पत्र ‘मोदी की गारंटी’ में संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की बात कही गई थी। वहीं, वर्ष 2023 में पूर्ववर्ती शासनकाल के दौरान हुए प्रदेशव्यापी संविदा कर्मचारी आंदोलन में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कर्मचारियों के आंदोलन मंच पर पहुंचकर भाजपा की सरकार बनने पर संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की घोषणा की थी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बने लगभग तीन वर्ष होने जा रहे हैं, लेकिन संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के संबंध में अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। इससे कर्मचारियों में निराशा बढ़ रही है। वहीं, तीन वर्षों से वेतन वृद्धि नहीं होने के कारण कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का भरण-पोषण करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महासंघ ने शासन से मांग की है कि दीपावली से पहले प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के वेतन में महंगाई के अनुरूप सम्मानजनक वृद्धि की जाए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सके।

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