नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश म्यांमार के नामखाम इलाके में रविवार (31 मई 2026) को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां एक भीषण धमाके ने तबाही का महातांडव मचा दिया। चीनी सीमा से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित काउंटुप गांव की एक इमारत में दोपहर के समय यह जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और देखते ही देखते आसपास के 100 से अधिक घर मिट्टी में मिल गए। इस दर्दनाक हादसे में 6 मासूम बच्चों समेत कम से कम 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 70 से अधिक लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं।
जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में यह महाधमाका हुआ, वहां खनन (माइनिंग) कार्यों में इस्तेमाल होने वाला ‘जैलइग्नाइट’ जैसा बेहद संवेदनशील और शक्तिशाली बारूद भारी मात्रा में जमा था। फिलहाल यह पूरा इलाका तांग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) के नियंत्रण में है, जो म्यांमार की सैन्य सरकार के खिलाफ जंग लड़ रही है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है, जहां चारों तरफ सिर्फ मलबा और धुएं का गुबार नजर आ रहा है।
प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। अब तक मलबे से 46 शव निकाले जा चुके हैं, जिनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल 74 लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मलबे की विशाल मात्रा को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है।
