कोरिया वनमंडल में हाथियों का तांडव: लोलकी-कटगोला में धान की फसलें बर्बाद, ष्ठस्नह्र और सोनहत रेंजर के निर्देश पर वन अमला अलर्ट

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बैकुंठपुर । कोरिया वन मंडल के अंतर्गत आने वाले सोनहत वन परिक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में हाथियों के एक दल जिसमें 2 शावक और 4 हाथी का दल ने पिछले कई दिनों से डेरा डाल रखा है। हाथियों से प्रभावित क्षेत्रों में भारी दहशत का माहौल है और स्थानीय ग्रामीणों का रात का चैन छिन गया है। हाथियों के दल ने सोनहत क्षेत्र के लोलकी, कटगोला और जोगिया गांवों में खेतों में घुसकर लहलहाती धान की खड़ी फसलों को पैरों तले रौंदकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया है, जिससे गरीब किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।

ष्ठस्नह्र और परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) के सख्त निर्देश पर निगरानी तेज
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोरिया वनमंडलाधिकारी (ष्ठस्नह्र) ने तत्काल वन विभाग के मैदानी अमले को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। ष्ठस्नह्र के मार्गदर्शन में सोनहत वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) ने अपनी क्विक रिस्पांस टीम (क्तक्रञ्ज) और वन कर्मियों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर दिया है।वन विभाग की टीम हाथियों के दल की चौबीसों घंटे लगातार मॉनिटरिंग और ट्रेकिंग कर रही है। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, रात में अकेले बाहर न निकलने और हाथियों के पास जाकर फोटो या वीडियो न बनाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।

फसल नुकसान के सर्वे और मुआवजे की मांग
हाथियों द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए नुकसान के बाद आक्रोशित और चिंतित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ष्ठस्नह्र कोरिया और सोनहत रेंजर की देखरेख में वन विभाग की टीम तत्काल प्रभावित खेतों का मौका मुआयना और त्वरित सर्वे कराए, ताकि पीडि़त किसानों को नियमानुसार जल्द से जल्द उचित मुआवजा राशि मिल सके।