मडगांव। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद राहुल गांधी ने गोवा के मडगांव में आयोजित कांग्रेस की ‘गोय राखोन यात्रा’ में भाग लेते हुए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ दक्षिण गोवा की सड़कों पर करीब दो किलोमीटर तक पैदल मार्च करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने और वोट चोरी कराने के गंभीर आरोप लगाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर साधा सीधा निशाना
राहुल गांधी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा देश अब यह समझ चुका है कि चुनाव प्रक्रिया में किस तरह की गड़बड़ियां की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कथित रूप से वोट चोरी को अंजाम देते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह उन्हें पूरा संरक्षण प्रदान करते हैं। कांग्रेस नेता ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के संविधान की मुख्य रक्षक है और प्रधानमंत्री, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त यह भली-भांति जान लें कि वे लोकतांत्रिक जवाबदेही से बच नहीं सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज नहीं तो कल इन सभी को न्याय के कटघरे में खड़ा होना पड़ेगा और अपने कृत्यों की पूरी कीमत चुकानी पड़ेगी।
शिक्षा प्रणाली के पतन और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया
केंद्र सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारत के पास कभी विश्व स्तरीय और मजबूत शिक्षा प्रणाली हुआ करती थी, लेकिन मौजूदा दौर में युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य की मांग को लेकर सड़कों पर उतरने वाले छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अब सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पैलेट गन तक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक देश में अस्वीकार्य और दुर्भाग्यपूर्ण है।
मानहानि के मुकदमों का हवाला देकर ‘वोट चोरी’ पर केस न होने की दी चुनौती
राहुल गांधी ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमों का उल्लेख करते हुए एक बड़ा राजनीतिक दावा पेश किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ देश की विभिन्न अदालतों में मानहानि के 45 से अधिक मामले दर्ज कराए गए हैं, जिनमें नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा से जुड़े कई लोगों द्वारा दायर मामले शामिल हैं। राहुल गांधी ने कहा कि इन मुकदमों के बावजूद वे हर सार्वजनिक मंच से यह बात बेबाकी से कहते हैं कि मौजूदा सत्ता तंत्र वोट चोरी का सहारा लेता है, लेकिन इस विशिष्ट आरोप पर सरकार या भाजपा का कोई भी नेता उन पर मानहानि का केस दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष को यह डर सता रहा है कि यदि वोट चोरी के आरोप पर कानूनी लड़ाई शुरू हुई, तो यह एक बड़ा संवैधानिक मुद्दा बन जाएगा जिसमें वे खुद बेनकाब हो जाएंगे।
संविधान की रक्षा के लिए अंत तक संघर्ष का संकल्प
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संविधान पर हमला देश की आत्मा और आम जनता की आस्था पर हमला है, जिसे कांग्रेस का एक भी सिपाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर एकजुट होकर जनता के मताधिकार की रक्षा करने की अपील की। राहुल गांधी ने दोहराया कि कांग्रेस देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को बचाने के लिए सड़क से लेकर संसद तक पूरी ताकत से लड़ाई जारी रखेगी।
