कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के चारों ओर पुलिस का पहरा, छात्र नेता नेहा बोरा और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ता भी हिरासत में लिए गए
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताने और कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने जा रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने शुक्रवार को रानी झांसी रोड स्थित एक आवास से बाहर निकलते ही दिपके को घेर लिया। इस दौरान उनके और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। जब पुलिस उन्हें वाहन में बैठाकर ले जाने लगी, तो कुछ प्रदर्शनकारी सामने आ गए। पुलिस ने उन्हें हटाकर दिपके को वहां से ले गई।
हिरासत में लिए जाने के दौरान दिपके ने पुलिस से कहा कि वह अकेले हैं और केवल तिरंगा फहराने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि तिरंगा फहराने में कौन-सा अपराध है और उन्हें किस कानून के तहत हिरासत में लिया जा रहा है।
इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया जा रहा है। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने दिपके को जबरन पुलिस वाहन में बैठा लिया।
इससे पहले दिल्ली पुलिस के अधिकारी रानी झांसी रोड स्थित उस आवास पर पहुंचे थे, जहां दिपके ठहरे हुए थे। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का हवाला देते हुए उन्हें किसी भी तरह का प्रदर्शन नहीं करने की हिदायत दी थी और कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। दिपके ने उस समय भी कहा था कि वह प्रदर्शन नहीं, बल्कि तिरंगा फहराने जा रहे हैं।
प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क की सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिसकर्मियों ने पार्क के चारों ओर मानव शृंखला बनाकर निगरानी शुरू कर दी। इलाके में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी रही कि किसी को भी पार्क के अंदर प्रवेश न करने दिया जाए।
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दिपके ने शाम पांच बजे तिरंगा फहराने का आह्वान किया था। उनके समर्थन में कनॉट प्लेस के आसपास और पालिका बाजार के बाहर युवाओं की भीड़ जुटने लगी थी। संभावित भीड़ और कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।दिपके को हिरासत में लिए जाने के बाद छात्र नेता नेहा बोरा अपने साथियों के साथ सेंट्रल पार्क के बजाय मंडी हाउस पहुंचीं। वहां तिरंगा फहराने की योजना के दौरान पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने अखिल भारतीय छात्र संघ और वामपंथी दलों से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद तिरंगा फहराने के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर तनाव बना रहा।इससे पहले नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने सेंट्रल पार्क को दो दिन के लिए बंद करने का आदेश जारी किया था। पार्क के आसपास पुलिस की तैनाती और प्रवेश पर रोक के बीच सुरक्षा व्यवस्था लगातार कड़ी रखी गई।
इसी बीच दिल्ली पुलिस ने लोगों को तिरंगे के सम्मानजनक उपयोग के संबंध में दिशानिर्देश भी जारी किए। पुलिस की कार्रवाई और पार्क बंद किए जाने के बीच सीजेपी समर्थकों तथा अन्य संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध और तिरंगा फहराने के आह्वान को लेकर कनॉट प्लेस में पुलिस की सतर्कता बढ़ी रही। दिपके और अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने से प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विवाद और गहरा गया।

