भानुप्रतापपुर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के दुर्गूकोदल क्षेत्र के चेमल स्थित पुष्प स्टील एंड माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की लौह अयस्क खदान में तीन पोकलेन मशीनों को आग लगाने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के करीब 10 दिन के भीतर पुलिस ने मामले का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, माइंस प्रबंधन से मजदूरों की मांगों को लेकर नाराजगी और जमीन विवाद आगजनी की वजह बताए जा रहे हैं। जांच में यह भी सामने आया कि घटना को नक्सली वारदात का रूप देने के लिए मशीनों के पास लाल रंग से लिखे पर्चे रखे गए थे। मामले में लोहत्तर थाने में बीएनएस की धारा 326 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर की दरमियानी रात खदान के प्रतिबंधित क्षेत्र में खड़ी टाटा एक्सकेवेटर की तीन मशीनों में आग लगाई गई थी, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ। जांच में आरोपियों की कथित नाराजगी और जमीन विवाद से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई। पुलिस का कहना है कि 2 अक्टूबर को ग्राम बोदेली में बैठक कर आगजनी की योजना बनाई गई थी। मामले में सहदेव तुलावी, ओमप्रकाश कचलाम, शिवलाल तुलावी, बृजलाल सलाम और प्रेमसिंह कोरेटी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा सहित वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विभिन्न थाना टीमों और साइबर सेल ने साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
