जहां पहुंचना चुनौती, वहां पहुंचा प्रशासन, दुर्गम रास्ते, नाला पार कर 7 किलोमीटर पैदल चली स्वास्थ्य टीम

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265 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच और मलेरिया मरीजों का उपचार शुरू
एलेंगनार के ग्रामीणों तक पहुंचीं नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं

सुकमा। जहां पहुंचना आसान नहीं, जहां तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए दुर्गम रास्तों और प्राकृतिक बाधाओं को पार करना पड़ता है, वहां भी ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। इसी संकल्प को साकार करते हुए कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भुवन विजय कुर्रे के मार्गदर्शन में बुधवार को छिंदगढ़ विकासखंड के पहुंचविहीन ग्राम पंचायत एलेगनार में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया।

सुकमा जिला मुख्यालय से लगभग 78 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब 7 किलोमीटर पैदल चली और रास्ते में एक नाला पार कर ग्रामीणों तक पहुंची। टीम का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां भी ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के प्रशासन के संकल्प में बाधा नहीं बन सकतीं।

265 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, 18 मलेरिया संक्रमित मिले
शिविर में गांव के लोगों की स्वास्थ्य जांच कर बीमारियों की पहचान एवं उपचार की व्यवस्था की गई। ग्राम की कुल जनसंख्या 698 और कुल 112 घरों वाले इस गांव में स्वास्थ्य टीम ने 265 मरीजों की जांच की। जांच के दौरान 18 ग्रामीण मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनमें 15 पीएफ, 2 पीवी तथा 1 मिश्रित संक्रमण का मरीज शामिल है।

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सभी 18 मलेरिया पॉजिटिव मरीजों को उपचार की प्रथम खुराक दी गई। शेष निर्धारित उपचार पूरा कराने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की निगरानी में रखा गया है। समय पर जांच और संक्रमित मरीजों की पहचान से उन्हें उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में मलेरिया नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान
शिविर में केवल सामान्य बीमारियों की जांच ही नहीं, बल्कि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी गई। इस दौरान 9 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच की गई तथा 24 हितग्राहियों का टीकाकरण किया गया। इसके अतिरिक्त 5 बच्चों की बाल स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण संबंधी सेवाएं प्रदान की गईं। दूरस्थ गांव में स्वास्थ्य टीम की मौजूदगी से ग्रामीणों को जांच और उपचार के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता कम हुई। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को उनके गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना इस शिविर की महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

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अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
एलेगनार में आयोजित यह शिविर दर्शाता है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी स्वास्थ्य सेवाओं से जोडऩे के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। कठिन रास्तों और सीमित पहुंच के बावजूद स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंचकर जांच, मलेरिया की पहचान, उपचार की शुरुआत तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं।

कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन में ऐसे प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी ग्रामीण केवल दूरी या दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल ग्रामीणों के स्वास्थ्य संरक्षण, मलेरिया नियंत्रण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।