व्रत के दौरान शाम होते-होते भूख लगने लगती है। ऐसे में अगर आप साबूदाना खिचड़ी और फल खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार फलाहारी आलू-पनीर टिक्की ट्राई कर सकते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ बनाने में भी आसान है। उबले आलू, पनीर और व्रत में इस्तेमाल होने वाले मसालों से तैयार होने वाली यह टिक्की बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम बनती है। खास बात यह है कि इसे डीप फ्राई करने के बजाय तवे पर कम तेल या घी में सेंका जा सकता है। इसे दही की चटनी के साथ शाम के नाश्ते में परोस सकते हैं।
टिक्की बनाने के लिए जरूरी सामग्री
० 3 मध्यम आकार के उबले आलू
० 100 ग्राम पनीर
० 2 बड़े चम्मच सिंघाड़े का आटा या कुट्टू का आटा
० 1 बारीक कटी हरी मिर्च
० 1 छोटा चम्मच कटा हरा धनिया
० आधा छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
० सेंधा नमक स्वादानुसार
० आधा छोटा चम्मच नींबू का रस (यदि व्रत में खाते हों)
० 1–2 छोटे चम्मच तेल या घी
फलाहारी आलू-पनीर टिक्की बनाने की विधि
1. आलू और पनीर तैयार करें: सबसे पहले उबले हुए आलू छीलकर अच्छी तरह मैश कर लें। ध्यान रखें कि आलू में गांठें न रहें। अब पनीर को कद्दूकस करके
आलू में मिला दें।
2. मसाले मिलाएं: आलू-पनीर के मिश्रण में हरी मिर्च, हरा धनिया, भुना जीरा पाउडर और सेंधा नमक डालें। अगर आपके व्रत में नींबू खाना स्वीकार्य है, तो स्वाद के लिए थोड़ा नींबू का रस भी मिला सकते हैं।
3. मिश्रण को बांधें: अब इसमें सिंघाड़े या कुट्टू का आटा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। आटा टिक्की को आकार देने में मदद करेगा। अगर मिश्रण ज्यादा नरम या चिपचिपा है, तो थोड़ा अतिरिक्त आटा मिला सकते हैं।
4. टिक्की का आकार दें: तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे हिस्से लेकर गोल टिक्की बनाएं। इन्हें हथेलियों से हल्का दबाकर चपटा कर लें। टिक्की बहुत मोटी न रखें, ताकि वे अंदर तक अच्छी तरह पक सकें।
5. तवे पर सेंकें: नॉनस्टिक तवा गर्म करके उस पर थोड़ा तेल या घी लगाएं। टिक्कियों को तवे पर रखकर मध्यम से धीमी आंच पर सेंकें। जब एक तरफ सुनहरी और कुरकुरी हो जाए, तो सावधानी से पलट दें।
6. दोनों तरफ से कुरकुरा बनाएं: दूसरी तरफ भी अच्छी तरह सेंक लें। जरूरत पड़ने पर किनारों पर तेल की कुछ बूंदें डाल सकते हैं। करीब 8–12 मिनट में टिक्कियां तैयार हो सकती हैं। इन्हें तेज आंच पर पकाने से बचें, ताकि बाहर से जल्दी रंग आने के बजाय अंदर तक अच्छी तरह पकें।
टिक्की को कुरकुरी बनाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
आलू में न रहने दें अतिरिक्त नमी: आलू उबालने के बाद पानी अच्छी तरह निकाल दें। उन्हें ठंडा करके मैश करें, ताकि मिश्रण ज्यादा गीला न हो और टिक्की आसानी से आकार ले सके।
पनीर को कद्दूकस करके मिलाएं: कद्दूकस किया हुआ पनीर आलू में अच्छी तरह मिल जाता है। इससे टिक्की की बनावट बेहतर रहती है।
तवा पहले गर्म करें: टिक्की रखने से पहले तवा अच्छी तरह गर्म होना चाहिए। इससे उसकी निचली सतह अच्छी तरह सिकती है और उसे पलटना आसान होता है।
बार-बार न पलटें: टिक्की को एक तरफ से अच्छी तरह सिकने दें। इसके बाद ही पलटें, वरना उसके टूटने का खतरा रहता है।
खुले तवे पर पकाएं: टिक्की को ढककर पकाने से भाप बन सकती है, जिससे उसकी बाहरी सतह नरम हो सकती है। ज्यादा कुरकुरापन पाने के लिए इसे खुले तवे पर सेंकें।
दही की चटनी के साथ करें सर्व
गरमा-गरम फलाहारी आलू-पनीर टिक्की को व्रत में खाई जाने वाली दही की चटनी के साथ परोस सकते हैं। इसके लिए ताजे दही में सेंधा नमक, भुना जीरा पाउडर और बारीक कटा हरा धनिया मिलाएं। चाहें तो साथ में खीरे के टुकड़े भी रख सकते हैं।
अगर आप कम तेल में नाश्ता बनाना चाहते हैं, तो टिक्की को डीप फ्राई करने के बजाय तवे पर सेंकना बेहतर विकल्प है। आलू में कार्बोहाइड्रेट, जबकि पनीर में प्रोटीन और वसा होती है। इसलिए अपनी भूख और जरूरत के अनुसार इसकी मात्रा तय करें।
इस बार व्रत में कुछ अलग और स्वादिष्ट खाने का मन है, तो फलाहारी आलू-पनीर टिक्की जरूर ट्राई करें। कम सामग्री में तैयार होने वाली यह टिक्की शाम की भूख मिटाने के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
