बिना मान्यता चल रहा CBSE कोर्स, अभिभावकों के विरोध के बाद जांच के आदेश

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बिलासपुर। बिलासपुर में बिना मान्यता के सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ाए जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। अभिभावकों के विरोध और शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच टीम को सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों का आरोप है कि प्रवेश के समय स्कूलों ने खुद को सीबीएसई से संबद्ध बताया था और पूरे सत्र में बच्चों को उसी पैटर्न से पढ़ाई कराई गई। लेकिन बाद में छात्रों को राज्य बोर्ड की परीक्षाएं देने के लिए मजबूर किया गया, जिससे अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई।

मामले में सामने आया है कि कुछ स्कूल केवल आठवीं तक ही संचालित हो रहे हैं, जबकि सीबीएसई से मान्यता के लिए बारहवीं तक कक्षाएं होना जरूरी है। इसके बावजूद इन स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न से पढ़ाई कराई जा रही थी।

स्कूलों द्वारा पहले ही वार्षिक परीक्षाएं भी सीबीएसई पैटर्न पर ली जा चुकी हैं, जबकि राज्य सरकार ने इस बार पांचवीं और आठवीं के छात्रों के लिए राज्य बोर्ड परीक्षा अनिवार्य कर दी है। इससे छात्रों को परीक्षा प्रणाली बदलने की स्थिति में डाल दिया गया।

अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी और अधिक फीस वसूली का भी आरोप लगाया है। विरोध बढ़ने पर अभिभावकों ने स्कूल और प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की थी।

विवाद बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम में सहायक संचालक और अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।