दिल्ली के सीमापुरी में 5 मंजिला इमारत गिरने से 2 बच्चों और गर्भवती समेत 5 की मौत, आठ घायल

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नई दिल्ली । दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार शाम एक पांच मंजिला इमारत का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। घटना न्यू सीमापुरी स्थित ईदगाह मछली मंडी के पास हुई। गुरुवार को बचाव अभियान के दौरान मलबे से दो और शव बरामद किए गए। मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है।

मृतकों में 12 वर्षीय बच्ची, एक गर्भवती महिला और पांच वर्षीय बच्चा भी शामिल है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। देर रात तक चले अभियान के दौरान 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें तीन की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार को दो और शव बरामद किए जाने के बाद मृतकों की संख्या पांच हो गई।पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धराशायी हुई इमारत अनवर नामक व्यक्ति की थी। करीब 25 गज जमीन पर ‘एलÓ आकार में बनी यह इमारत बिना खंभों के पांच मंजिल तक बनाई गई थी। भूतल पर बिरयानी और कबाड़ की दुकानें संचालित हो रही थीं।

इमारत की पहली मंजिल पर मकान मालिक अपनी पत्नी, बेटे और बहू के साथ रहता था। ऊपरी मंजिलों पर 20 से अधिक किराएदार रहते थे। इनमें बड़ी संख्या में कूड़ा बीनने वाले लोग शामिल थे।पुलिस के अनुसार, हादसे के समय इमारत के अंदर करीब 12 से 15 लोग मौजूद थे। इमारत गिरने के बाद आसपास के तीन मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर इमारत की जर्जर हालत समेत तीन संभावित कारणों की जांच की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत काफी पुरानी और जर्जर थी। इसके बराबर वाले मकान में मरम्मत का काम चल रहा था, जिसके कारण इमारत की संरचना पर असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है।कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि हाल में आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें दिखाई देने लगी थीं। हालांकि, पुलिस और संबंधित एजेंसियों की जांच पूरी होने के बाद ही इमारत गिरने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

दिल्ली में इमारत गिरने की यह घटना करीब एक महीने पहले सत्य निकेतन में पांच मंजिला छात्रावास की इमारत गिरने की घटना के बाद हुई है। उस हादसे में सात युवाओं की मौत हुई थी।इससे पहले 30 मई को दक्षिणी दिल्ली के साकेत में भी एक इमारत गिर गई थी। हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी। इस इमारत में प्रशिक्षण केंद्र, कैफे और कार्यालय संचालित किए जा रहे थे।

वहीं, जुलाई में रोहिणी के सेक्टर-16 में निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत भी ढह गई थी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने जर्जर और असुरक्षित इमारतों की पहचान तथा निर्माण नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल सीमापुरी हादसे के बाद मलबा हटाने और किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।