MP में एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या, कमरे में मिले मां-बच्चों के शव, पति हिरासत में; अवैध संबंध का शक

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दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले अंतर्गत मगरोन थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घर के भीतर एक महिला और उसके तीन मासूम बच्चों के शव मिलने से गांव में मातम और दहशत का माहौल है। घटना की खबर मिलते ही मगरोन थाना प्रभारी वंदना गौर, फतेहपुर चौकी प्रभारी रघुवीर सिंह और पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

मां सहित 1, 4 और 7 साल के बच्चों की मौत, पति से पूछताछ
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतकों में खेमा पटेल (27 वर्ष), उसकी सात वर्षीय बेटी उर्मिला पटेल, चार वर्षीय बेटा उमेश पटेल और महज एक साल का दुधमुंहा बेटा राजा पटेल शामिल हैं। मृतका का पति द्वारका पटेल मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहता था और हाल ही में घर लौटा था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इलाके में अवैध संबंधों के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की चर्चा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

एसपी समेत आला अधिकारी पहुंचे, सागर से बुलाई एफएसएल टीम
एक साथ चार जिंदगियां खत्म होने की खबर से पुलिस मुख्यालय तक हड़कंप मच गया। स्थिति का जायजा लेने के लिए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर पड़ोसियों और ग्रामीणों से बयान लिए हैं। मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए सागर से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की विशेष टीम को तलब किया गया है, ताकि मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य अहम सुराग सुरक्षित किए जा सकें।

6 महीने पुराने विवाद से जुड़े तार, डीआईजी के भी पहुंचने के आसार
घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डीआईजी के भी कबीरपुर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि करीब 6 महीने पहले परिवार में विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत मृतका ने थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस उस पुराने विवाद के एंगल को भी वर्तमान घटनाक्रम से जोड़कर देख रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही सामूहिक मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।