धमतरी में उद्योग और बैंकिंग योजनाओं पर कार्यशाला, 36 हितग्राहियों को 8 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृति पत्र

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धमतरी। जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बैंकिंग सुविधाओं और सरकारी वित्तीय योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से आरएएमपी योजना के तहत उद्योग एवं बैंक समन्वय कार्यशाला आयोजित की गई। जिंजर लीफ रेस्टोरेंट में हुए कार्यक्रम में महापौर रामू रोहरा और कलेक्टर अबिनाश मिश्रा शामिल हुए। कार्यशाला में उद्यमियों को विभिन्न ऋण योजनाओं, शासकीय अनुदान और स्वरोजगार कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। इस दौरान कारोबार बढ़ाने, ऋण लेने की प्रक्रिया और वित्तीय जरूरतों को लेकर भी चर्चा हुई।

महापौर रामू रोहरा ने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ अपना व्यवसाय शुरू कर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कृषि, पर्यटन, होटल, स्वास्थ्य और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में धमतरी में मौजूद व्यवसायिक संभावनाओं का उल्लेख किया। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि छोटे उद्योगों और नए उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत करना तथा उन्हें बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के तहत पात्र लोगों को मिलने वाले 35 प्रतिशत तक अनुदान समेत अन्य योजनाओं की जानकारी दी।

कार्यशाला में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण, औजार और ऋण सुविधा के बारे में भी बताया गया। विभिन्न बैंक योजनाओं के अंतर्गत 36 हितग्राहियों को 8 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इनमें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना, मुद्रा योजना, एमएसएमई ऋण, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और वाणिज्यिक वाहन ऋण योजना शामिल रही। करीब 100 नए उद्यमियों से बैंक ऋण के लिए आवेदन भी लिए गए। बैंक और उद्योग विभाग के अधिकारियों ने पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया समझाने के साथ उद्यमियों की समस्याओं का समाधान किया।