‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ में बड़ी कार्रवाई, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले 4 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार

Follow Us

रायपुर। शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ रायपुर रेंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत पुलिस ने गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में आरोपियों द्वारा फर्जी कंपनियों, सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल कर लोगों से रकम ठगने की जानकारी सामने आई है।पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना रायपुर की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। साथ ही ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाकर रकम को होल्ड/जब्त करने की कार्रवाई की गई।

69 लाख की ठगी में गुजरात से दो आरोपी गिरफ्तार
पलारी थाना क्षेत्र में डागेश चंद्राकर से शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर करीब 69 लाख रुपये की ठगी की गई थी। मामले में शुभम चौहान और साबले प्रेम विश्वास को सूरत, गुजरात से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों ने फर्जी कंपनी और फर्जी सिम के जरिए अपने साथियों की मदद से फर्जी बैंक खातों में रकम जमा कराई थी। इन बैंक खातों से अलग-अलग राज्यों के 20 से अधिक थाना एवं साइबर सेल में शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।

12 लाख की ठगी का आरोपी जबलपुर से पकड़ा गया
भाटापारा सिटी थाना क्षेत्र में मुकेश विश्वकर्मा से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी के मामले में अनुज सेन को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी कटनी, मध्यप्रदेश का निवासी है। पुलिस के अनुसार वह जबलपुर और इंदौर में फर्जी कंपनियां बनाकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी को अंजाम देता था।

34 लाख की ठगी में महाराष्ट्र का आरोपी गिरफ्तार
मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में वेदप्रकाश बघेल से 34 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के गोंदिया निवासी विक्की राहंगडाले को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच के अनुसार आरोपी ने फर्जी कंपनी और सिम का इस्तेमाल करते हुए अपने साथियों की मदद से जयपुर में फर्जी बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम जमा कराई थी।

पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में जुड़े अन्य आरोपियों और ठगी की रकम के संबंध में आगे की जांच जारी है।