धमतरी। सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए धमतरी पुलिस ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देश पर यातायात पुलिस ने अभिभावकों की विशेष बैठक आयोजित कर उन्हें नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं देने की सख्त समझाइश दी। इस दौरान पालकों से घोषणा पत्र भरवाकर यह संकल्प दिलाया गया कि वे बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के अपने बच्चों को वाहन नहीं चलाने देंगे।
कोतवाली थाना परिसर स्थित संवेदना कक्ष में आयोजित बैठक में डीएसपी भानूप्रताप चंद्राकर और यातायात प्रभारी उपनिरीक्षक खेमराज साहू ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि अभिभावकों की भी समान जिम्मेदारी है।
बैठक में बताया गया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ उनके और अन्य लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा है। पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो वाहन मालिक और अभिभावक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में भारी जुर्माना, वाहन जब्ती और अन्य वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है।अभिभावकों से भरवाए गए वचन पत्र में उन्होंने अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन नहीं चलाने देने और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का लिखित आश्वासन दिया।
डीएसपी भानूप्रताप चंद्राकर ने कहा कि सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और अभिभावकों की सतर्कता से दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। वहीं, यातायात प्रभारी खेमराज साहू ने बताया कि जिले में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं तथा नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ नियमित जांच और कार्रवाई भी जारी रहेगी।
धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन चलाने की अनुमति न दें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें। पुलिस का संदेश है—”नाबालिग को वाहन नहीं, सुरक्षित भविष्य दें।”
