रांची। खाड़ी देश ओमान में पिछले 5 महीनों से नारकीय जीवन जी रही झारखंड के सिमडेगा की बेटी प्रीति कुजूर की आखिरकार सुरक्षित घर वापसी हो गई है। मार्च 2026 में एक फर्जी ट्रैवल एजेंट ने उन्हें दुबई में 50 हजार रुपये महीने की नौकरी का झांसा देकर ओमान भेज दिया था, जहां उनसे आधी कीमत पर काम कराया गया और पासपोर्ट-कागजात जब्त कर प्रताड़ित किया गया। जब प्रीति ने स्वदेश लौटने की गुहार लगाई, तो कंपनी ने उनसे 1.92 लाख रुपये की भारी-भरकम मांग की। परिवार की लाचारी देखकर प्रीति की बहन रंतु कुजूर ने 19 जून को सोशल मीडिया के जरिए राज्य सरकार से मदद मांगी।
मामला संज्ञान में आते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े निर्देशों पर राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष तुरंत हरकत में आया। नियंत्रण कक्ष ने मस्कट स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) के साथ मिलकर कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की। दूतावास के हस्तक्षेप से एजेंट और कंपनी पर दबाव बनाया गया, जिसके बाद प्रीति के कागजात वापस दिलवाकर उनकी सुरक्षित स्वदेश रवानगी पक्की की गई। ओमान से उड़ान भरने के बाद रविवार को प्रीति अपने गांव मरारोमा गंझूटोली पहुंच गईं।
