नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का शनिवार को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 जुलाई से वह आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचाराधीन थीं। उनकी देखरेख वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सत्यनारायण कर रहे थे, लेकिन लगातार इलाज के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका और उन्होंने अंतिम सांस ली।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े समर्थक, बढ़ाई गई सुरक्षा
चेन्नम्मा के निधन की खबर सामने आते ही परिजन, राजनीतिक हस्तियां और जनता दल (सेक्युलर) के कार्यकर्ता मणिपाल अस्पताल पहुंचने लगे। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका को देखते हुए अस्पताल परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने मौके का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
1954 में हुआ था एचडी देवेगौड़ा से विवाह
हासन जिले के हिरेहल्ली गांव की रहने वाली चेन्नम्मा का विवाह 25 मई 1954 को एचडी देवेगौड़ा से हुआ था। इस दंपति के चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं, जिनमें एचडी रेवन्ना, एचडी बालकृष्ण, एचडी रमेश गौड़ा, एचडी कुमारस्वामी, शैलजा और अनुसूया शामिल हैं।
देवेगौड़ा के राजनीतिक सफर की मजबूत आधारशिला
चेन्नम्मा ने हमेशा परिवार की जिम्मेदारियां संभालकर एचडी देवेगौड़ा के राजनीतिक जीवन को मजबूत आधार दिया। उन्होंने छह बच्चों के पालन-पोषण और उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी निभाई, जिससे देवेगौड़ा सार्वजनिक जीवन और राजनीति पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सके। परिवार और समाज में उन्हें एक सादगीपूर्ण, समर्पित और आदर्श गृहिणी के रूप में जाना जाता था।
2001 में हुआ था तेजाब से हमला
फरवरी 2001 में हरदनहल्ली स्थित एक मंदिर से पूजा कर लौटते समय चेन्नम्मा पर तेजाब से हमला किया गया था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुई थीं, हालांकि लंबे इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो गई थीं। यह घटना उस समय पूरे कर्नाटक में चर्चा का विषय बनी थी।
चेन्नम्मा का निधन देवेगौड़ा परिवार और कर्नाटक की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें सादगी, त्याग और परिवार के प्रति समर्पण की मिसाल बताया।
