खैरागढ़। जिला केसीजी (छत्तीसगढ़) पुलिस टीम ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए पाड़ादाह मेले में बिछड़े 10 वर्षीय बालक को सकुशल खोजकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से परिवार को बड़ी राहत मिली। बालक के परिजनों ने उसे सुरक्षित वापस मिलने पर केसीजी पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार, ग्राम महाराजपुर निवासी देवेंद्र कुमार पिता जितेंद्र कंवर उम्र लगभग 10 वर्ष अपने परिजनों के साथ पाड़ादाह मेला घूमने आया था। मेले में अधिक भीड़ होने के कारण अचानक वह अपने परिवार से बिछड़ गया और गुम हो गया।
बच्चे के गायब होने की जानकारी मिलते ही परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब बालक का पता नहीं चला तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही केसीजी पुलिस टीम सक्रिय हो गई और तत्काल बालक की तलाश शुरू कर दी। मेले में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और भीड़भाड़ के बीच बच्चे को ढूंढना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद पुलिस जवानों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अलग-अलग स्थानों पर तलाश अभियान चलाया। पुलिस टीम ने मेले में मौजूद लोगों से पूछताछ की और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन की।
पुलिस के प्रयासों से कुछ ही समय में बालक देवेंद्र कुमार को सुरक्षित खोज लिया गया। पुलिस ने बालक की पहचान और उसके परिवार की जानकारी की पुष्टि करने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद बालक को उसकी माता पांचो बाई पति जितेंद्र कंवर निवासी ग्राम महाराजपुर और उसकी भाभी प्रीति कंवर पति प्रमोद कंवर निवासी ग्राम पिपलाकछार के हवाले किया गया। बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई। उन्होंने केसीजी पुलिस टीम की तत्परता और मदद के लिए पुलिस अधिकारियों एवं जवानों का धन्यवाद किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेलों और सार्वजनिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, ऐसे में बच्चों के गुम होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस तरह की परिस्थितियों में पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। केसीजी पुलिस ने मेले में मौजूद नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों को अकेला न छोड़ें और उनके साथ लगातार संपर्क बनाए रखें।
पुलिस ने कहा कि यदि कोई बच्चा भटका हुआ या संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई देता है तो तत्काल नजदीकी पुलिस सहायता केंद्र को सूचना दें या डायल 112 पर संपर्क करें। समय पर मिली सूचना से किसी भी बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। केसीजी पुलिस द्वारा किए गए इस मानवीय कार्य की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। पुलिस प्रशासन ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों की सहायता और सुरक्षा उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
