BREAKING NEWS: ढाबा संचालक को जिंदा जलाने की कोशिश, छह आरोपी गिरफ्तार

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बिलासपुर। सकरी थाना क्षेत्र में मोबाइल गुम होने के विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। मामूली विवाद के बाद छह युवकों ने कथित तौर पर ढाबा संचालक और कर्मचारियों के साथ मारपीट की और बाद में पेट्रोल छिड़ककर ढाबे में आग लगाने का प्रयास किया। आरोपियों पर ढाबा संचालक को जिंदा जलाने की धमकी देने का भी आरोप है। मामले में सकरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, भूण्डा निवासी इस्माइल खान उर्फ सोनू (31 वर्ष) ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 13 जुलाई की रात संकेत कुमार जायसवाल अपने दो साथियों के साथ उनके ढाबे पर खाना खाने आया था। खाना खाने के बाद सभी वहां से चले गए। अगले दिन 14 जुलाई को संकेत कुमार जायसवाल अपने साथी आर्यन दुबे और संदीप यादव के साथ दोबारा ढाबे पर पहुंचा। उसने बताया कि उसका मोबाइल फोन ढाबे में कहीं गिर गया है। इसके बाद उसने ढाबा संचालक से सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की।

ढाबा संचालक और कर्मचारियों ने उसकी मांग पर सीसीटीवी फुटेज दिखाया। करीब 45 मिनट तक फुटेज देखने के बाद भी मोबाइल दिखाई नहीं दिया। इसके बाद आरोपियों ने ढाबे के मिस्त्री विनोद कुमार टोंडे के साथ विवाद शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल नहीं मिलने से नाराज आरोपियों ने विनोद कुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान ढाबे में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। हालांकि, आरोपी इस घटना से नाराज थे और उन्होंने रंजिश रख ली।

पुलिस ने बताया कि 15 जुलाई की सुबह करीब 10 बजकर 20 मिनट पर संकेत कुमार जायसवाल अपने चार अन्य साथियों के साथ दोबारा ढाबे पर पहुंचा। इस दौरान सभी आरोपियों ने ढाबा संचालक और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि आरोपियों ने एकजुट होकर ढाबा संचालक और कर्मचारियों से मारपीट की। इसके बाद उन्होंने ढाबे में पेट्रोल छिड़क दिया और लाइटर से आग लगाने का प्रयास किया। आरोपियों ने बटनदार चाकू और अन्य हथियार दिखाकर ढाबा संचालक को जान से मारने की धमकी भी दी।

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पीड़ित पक्ष ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने विवाद और मारपीट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बटनदार चाकू समेत अन्य सामान जब्त किया है। इसके अलावा पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों में संकेत कुमार जायसवाल उर्फ छोटू, राजवीर बाबरा, लारेन फ्रांसिस, राहुल गहरवरिया, आर्यन दुबे उर्फ तुषार और राहुल श्रीवास्तव शामिल हैं। सभी आरोपी बिलासपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। किसी भी व्यक्ति द्वारा हिंसा, धमकी या कानून हाथ में लेने की कोशिश करने पर उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून को हाथ में लेने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें। छोटी-छोटी बातों को लेकर हिंसक घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।