जशपुर। जिले के लोरो घाट में बुधवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में पुलिस, अग्निशमन दल और स्थानीय लोगों की तत्परता से तीन लोगों की जान बचा ली गई। कोयला लेकर जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग से टकरा गया था। हादसे के बाद ट्रक का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक सहित तीन लोग अंदर बुरी तरह फंस गए थे। करीब तीन घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू अभियान के बाद सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार, हादसा बुधवार शाम करीब 7 बजे जशपुर जिले के लोरो घाट में हुआ। धनबाद (झारखंड) से कोयला लेकर रायपुर जा रहा टाटा ट्रक क्रमांक JH-02-AM-6041 लोरो घाट के रास्ते से गुजर रहा था। घाट के एक खतरनाक और तीखे मोड़ पर चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा।
अनियंत्रित ट्रक सीधे सड़क किनारे लगी सुरक्षा रेलिंग से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद चालक, वाहन मालिक सहित तीन लोग ट्रक के केबिन में फंस गए और बाहर निकलना मुश्किल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद थाना दुलदुला पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग टीम, डायल-112, अग्निशमन दल और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य में पुलिस मितान के सदस्यों तथा स्थानीय ग्रामीणों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
ट्रक का केबिन बुरी तरह दब जाने के कारण रेस्क्यू अभियान काफी चुनौतीपूर्ण था। बचाव दल ने स्थिति को देखते हुए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया। कटर मशीन की मदद से ट्रक के अगले हिस्से और स्टेयरिंग के आसपास के भाग को सावधानीपूर्वक काटा गया। रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी के साथ करीब तीन घंटे तक लगातार मेहनत की। काफी मशक्कत के बाद ट्रक में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल जशपुर भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। फिलहाल तीनों घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जशपुर के एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे बचाव अभियान की निगरानी की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, हाईवे पेट्रोलिंग टीम, डायल-112, अग्निशमन दल, पुलिस मितान और ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सभी टीमों ने साहस, संवेदनशीलता और बेहतर तालमेल का परिचय दिया। पुलिस और बचाव दल के संयुक्त प्रयासों से तीन लोगों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि समय पर पहुंची सहायता और टीमवर्क किसी भी आपात स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एसएसपी ने घोषणा की कि रेस्क्यू अभियान में बेहतर योगदान देने वाले पुलिस अधिकारी, जवान, अग्निशमन दल और अन्य बचाव कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हादसे के दौरान घायलों की मदद करने वाले स्थानीय नागरिकों के नाम गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए प्रशासन को भेजे जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में आम नागरिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। कई बार समय पर मदद मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य से पुलिस लगातार लोगों को सड़क दुर्घटनाओं के दौरान सहायता करने के लिए जागरूक कर रही है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने आम लोगों से अपील की कि सड़क हादसा होने पर घटनास्थल से दूर जाने के बजाय तुरंत पुलिस या डायल-112 को सूचना दें। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए घायलों की मदद करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि किसी दुर्घटना के बाद शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। समय पर मिली सूचना और तत्काल सहायता घायल व्यक्ति के लिए जीवन बचाने वाली साबित हो सकती है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में गुड सेमेरिटन बनकर मानव जीवन बचाने में सहयोग करने की अपील की। जशपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू अभियान की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। कठिन परिस्थितियों में पुलिस और बचाव दल के प्रयासों से तीन परिवारों को बड़ी राहत मिली है।
