मोहला-मानपुर। अपनी लंबित मांगों को लेकर सहायक शिक्षक फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशभर के सहायक शिक्षक-शिक्षिकाएं एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इसका व्यापक असर मोहला-मानपुर जिले में भी देखने को मिला। जिले के सैकड़ों प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित रही और कई स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, जिले की करीब 400 से अधिक प्राथमिक शालाओं में पदस्थ सहायक शिक्षक हड़ताल में शामिल हुए। शिक्षकों के सामूहिक अवकाश पर जाने के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित रही। कुछ स्थानों पर स्कूल खुले जरूर, लेकिन शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हो सकी।
कई स्कूल रसोइयों के भरोसे खुले
हड़ताल के दौरान कई प्राथमिक विद्यालयों में रसोइयों ने स्कूल का ताला खोला। कुछ स्कूलों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था के बाद बच्चों को कुछ समय तक परिसर में रखा गया, लेकिन शिक्षक नहीं होने के कारण बाद में स्कूल बंद कर दिए गए। कुछ विद्यालयों में माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों या आसपास के अन्य शिक्षकों ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया। हालांकि, शिक्षकों की कमी के चलते नियमित अध्यापन प्रभावित रहा।
बच्चों का समय खेल-कूद में बीता
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा। कई स्कूलों में बच्चे तो पहुंचे, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में अधिकांश बच्चों का समय स्कूल परिसर में खेलते-कूदते ही बीता। मानपुर ब्लॉक मुख्यालय से लगे एक प्राथमिक विद्यालय में स्थिति देखने पर सामने आया कि स्कूल रसोइए ने खोला था। वहां बच्चे खेलते हुए मिले। बच्चों ने बताया कि शिक्षक हड़ताल पर गए हैं और रसोइए के साथ गांव की एक युवती ने कुछ समय तक उन्हें पढ़ाने का प्रयास किया।
कई स्कूलों में लटका मिला ताला
ग्राम परदोनी समेत आसपास के कई प्राथमिक विद्यालयों में शाला संचालन समय के दौरान ताला लगा मिला। इन स्कूलों में कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद नहीं था, जो यह बता सके कि स्कूल सुबह कुछ समय के लिए खुला था या पूरी तरह बंद रहा। शिक्षकों की हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर सीधा असर देखने को मिला। अभिभावकों ने भी बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने को लेकर चिंता जताई।
राजधानी रायपुर में हुआ प्रदर्शन
सहायक शिक्षक फेडरेशन की ओर से अपनी मांगों को लेकर राजधानी रायपुर में प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसमें मोहला-मानपुर जिले के बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक भी शामिल हुए। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। मांगों के निराकरण को लेकर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह एक दिवसीय आंदोलन किया गया।
शिक्षा विभाग से नहीं मिल सका पक्ष
मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी से पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्यालय से जानकारी मिली कि अधिकारी अवकाश पर हैं और बाहर गए हुए हैं। इसके चलते विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ सका। फिलहाल हड़ताल खत्म होने के बाद स्कूलों में नियमित संचालन शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन एक दिन की हड़ताल ने जिले की प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित किया।
