मंत्री ओपी चौधरी के बंगले के बाहर धरना जारी, नकटी गांव के विस्थापन और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद

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रायपुर। नकटी गांव के विस्थापन और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को हुई तोड़फोड़ के बाद प्रभावित ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ है और देर शाम तक भी बड़ी संख्या में लोग मंत्री ओपी चौधरी के शंकर नगर स्थित बंगले के बाहर धरना प्रदर्शन पर बैठे रहे। रात करीब 7 बजकर 30 मिनट तक ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त नहीं किया था। प्रदर्शनकारियों में बेघर हुए परिवार, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं, जो आवास की मांग को लेकर लगातार विरोध कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात किए गए हैं।

ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह पूरा मामला नकटी गांव में कथित तौर पर किए गए विस्थापन और तोड़फोड़ से जुड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें बिना पर्याप्त पुनर्वास सुविधा दिए उनके घरों से हटाया गया, जिससे वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।

इसी बीच सोशल मीडिया पर विधानसभा की एक बैठक से जुड़ा वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें कथित रूप से नकटी गांव हटाने से जुड़ी चर्चा दिखाई दे रही है। इसके बाद मामला और अधिक तूल पकड़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उन्हें हटाया गया है तो सरकार को उनके पुनर्वास की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। कई प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया कि वे वर्षों से वहां रह रहे थे, लेकिन अचानक कार्रवाई के कारण उनका जीवन प्रभावित हो गया है। प्रदर्शनकारी लोगों ने यह भी मांग रखी है कि उन्हें वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। वहीं प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात है। इस पूरे मामले ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है और स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है।