रायगढ़। थाना कोतरारोड में आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तार बंदी संजय बघेल की मौत के मामले में पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मीडिया के सामने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि पूरे मामले की न्यायिक जांच जारी है और पुलिस निष्पक्ष जांच में सहयोग कर रही है। पुलिस के मुताबिक 10 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर अरसीपाली चौक के पास संजय बघेल को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था। वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे थाना कोतरारोड लाया गया, जहां गिरफ्तारी दर्ज की गई और परिजनों को भी इसकी सूचना दी गई।
एसएसपी द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को थाना परिसर में बैठा हुआ, पानी पीते और भोजन करते हुए दिखाया गया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से लेकर मेडिकल जांच और न्यायालय में पेशी तक की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और निगरानी में हुई। परिजनों को भी उससे मिलने की अनुमति दी गई थी। पुलिस के अनुसार मेडिकल परीक्षण के दौरान संजय बघेल ने किसी प्रकार की चोट या स्वास्थ्य संबंधी शिकायत नहीं की थी और उसे फिट बताया गया था। बाद में उसे न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी कर जेल भेजा गया। मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए मारपीट और अवैध वसूली के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू और आरक्षक शंभू चौहान को लाइन अटैच कर दिया गया है। मामले की जांच डीएसपी मुख्यालय को सौंपी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कुछ चोटों के निशान मिलने की पुष्टि हुई है, लेकिन उन्हें मृत्यु का प्रत्यक्ष कारण नहीं माना गया है। विसरा और हिस्टोपैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की न्यायिक जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
