रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों का ऐलान कर दिया है। आयोग ने बिजली वितरण कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को खारिज करते हुए औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। नई दरें 1 जुलाई से पूरे राज्य में लागू होंगी।
विद्युत नियामक आयोग के कानून सदस्य विनोद गनोदवाले, तकनीकी सदस्य अजय कुमार सिंह और सचिव सूर्या प्रकाश शुक्ला ने प्रेस वार्ता में बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपनी याचिका में विद्युत विक्रय 38729 मिलियन यूनिट एवं वार्षिक राजस्व आवश्यकता रू.32520 करोड़ प्रस्तावित किया गया था. जांच के बाद आयोग ने विद्युत विक्रय 39760 मिलियन यूनिट एवं वार्षिक राजस्व आवश्यकता रू.28348 करोड़ अनुमोदित किया है.
वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विद्युत की प्रचलित टैरिफ से अनुमानित राजस्व के आधार पर रू.6304 करोड़ राजस्व घाटे का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था. आयोग द्वारा गहन जांच पश्चात रू.1662 करोड़ का राजस्व घाटा ही मान्य किया गया है.आयोग के अनुसार, औसत बिजली आपूर्ति दर 7.13 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित की गई है, जबकि औसत बिलिंग दर 6.71 रुपए प्रति यूनिट आंकी गई है। घरेलू बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। कमर्शियल बिजली दरों में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी होगी। कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। वहीं, हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति केवीएएच तय किया गया है। आयोग ने वितरण कंपनी की 32,520 करोड़ रुपए की वार्षिक राजस्व आवश्यकता के प्रस्ताव के मुकाबले 28,348 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। वहीं कंपनी की तरफ से बताए गए 6,304 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे के स्थान पर केवल 1,662 करोड़ रुपए का घाटा मान्य किया गया है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव
घरेलू बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि। स्थानीय निकायों के कार्यालयों को गैर-घरेलू श्रेणी से घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया। आवास बोर्ड कॉलोनियों की स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक जल आपूर्ति को घरेलू टैरिफ का लाभ मिलेगा। घरेलू इस्तेमाल के अस्थायी कनेक्शनों पर 2 साल बाद सामान्य घरेलू टैरिफ लागू होगा। ग्रामीण, बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के छात्रावासों को घरेलू श्रेणी में शामिल किया गया।
कृषि पंपों की बिजली दर में वृद्धि
कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गैर-सब्सिडी कृषि पंपों पर ऊर्जा प्रभार में मिलने वाली छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत की गई। खेतों में पंप कनेक्शन के साथ 100 वॉट तक लाइट और पंखे की सुविधा यथावत रहेगी।
निम्नदाब उपभोक्ताओं के लिए बड़े बदलाव
अस्थायी कनेक्शन पर सामान्य टैरिफ का 1.5 गुना शुल्क लगेगा। 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं पर टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू । सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत छूट। शाम 5 से रात 11 बजे तक उपयोग पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क । 10 किलोवाट से अधिक लोड वाले घरेलू व व्यावसायिक उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय में 20 पैसे प्रति यूनिट छूट। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के लिए टैरिफ 7.13 रुपए प्रति यूनिट निर्धारित। महिला स्व-सहायता समूहों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी।
ग्रामीण, बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों को 10 प्रतिशत छूट जारी। पोहा और मुरमुरा मिलों को ऊर्जा शुल्क में 10 प्रतिशत छूट जारी।
उच्चदाब उपभोक्ताओं के लिए अहम फैसले
हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए टैरिफ 6.42 रुपए प्रति द्मङ्क्रद्ध तय।
स्टोन माइंस को एचवी -3 औद्योगिक श्रेणी में शामिल किया गया।
आयरन वाशरी और बेनिफिसिएशन प्लांट को एचवी-4 श्रेणी में रखा गया।
छोटे और माइक्रो हाइड्रो प्रोजेक्ट्स को पहले 5 वर्षों तक डिमांड चार्ज से छूट जारी। सौर ऊर्जा उत्पादकों के लिए ट्रांसमिशन शुल्क संबंधी नई व्यवस्था लागू।
पैरेलल ऑपरेशन चार्ज 16 पैसे प्रति यूनिट निर्धारित।
ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया आधारित ऊर्जा पर क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज नहीं लगेगा।
उपभोक्ताओं के लिए अन्य महत्वपूर्ण फैसले
अग्रिम भुगतान पर मिलने वाली छूट 1.25 प्रतिशत से घटाकर 0.75 प्रतिशत की गई। विलंबित भुगतान अधिभार 1.5 प्रतिशत प्रतिमाह की जगह 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन होगा।
प्रीपेड मीटर वाले एलवी उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट 1.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत की गई।
विभिन्न वोल्टेज स्तरों के लिए नया क्रॉस सब्सिडी सरचार्ज भी तय किया गया है।
