लाइफस्टाइल। कई लोगों को लगता है कि बार-बार फेस वॉश करने से चेहरे का तेलियापन कम हो जाएगा, लेकिन अक्सर इसका उल्टा असर देखने को मिलता है। स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादा बार चेहरा धोने से त्वचा और अधिक ऑयल बनाने लगती है, जिससे ऑयली स्किन की समस्या बढ़ सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि त्वचा में मौजूद सेबेसियस ग्लैंड्स (Sebaceous Glands) सीबम नामक प्राकृतिक तेल बनाती हैं, जो त्वचा को नमी और सुरक्षा प्रदान करता है। जब ये ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं, तो चेहरे पर अतिरिक्त तेल दिखाई देने लगता है। बार-बार फेस वॉश करने से त्वचा की प्राकृतिक ऑयल लेयर हट जाती है। इसके बाद त्वचा अपनी नमी बनाए रखने के लिए और ज्यादा सीबम बनाना शुरू कर देती है। यही कारण है कि चेहरा धोने के कुछ समय बाद फिर से ऑयली महसूस होने लगता है।
स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार हार्मोनल बदलाव, तनाव, अनियमित नींद, असंतुलित खानपान और अधिक तैलीय या मसालेदार भोजन भी ऑयली स्किन की बड़ी वजह हो सकते हैं। प्यूबर्टी, पीरियड्स और हार्मोनल असंतुलन के दौरान भी चेहरे पर तेल का उत्पादन बढ़ जाता है। इसके अलावा, हार्श केमिकल वाले फेस वॉश और स्क्रब का अधिक इस्तेमाल त्वचा के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। इससे स्किन या तो जरूरत से ज्यादा ड्राई हो जाती है या फिर अतिरिक्त तेल बनाने लगती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिन में दो बार से ज्यादा चेहरा न धोएं और अपनी स्किन टाइप के अनुसार हल्के फेस वॉश का इस्तेमाल करें। ऑयली स्किन वालों को ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट्स चुनने चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, तनाव कम करना और अच्छी नींद लेना भी त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। सही स्किनकेयर और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर ऑयली स्किन की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
