नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी (Shooting) के दिग्गज और मनु भाकर जैसी स्टार खिलाड़ी को निखारने वाले द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच जसपाल राणा का निधन हो गया है। 49 वर्ष की आयु में उन्होंने नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल में आखिरी सांस ली। नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के प्रेसिडेंट कलिकेश नारायण सिंह देव के मुताबिक, जर्मनी के म्यूनिख से लौटते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके आकस्मिक निधन से पूरे देश और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए इसे भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।

जसपाल राणा भारत के सबसे सफल एथलीटों में से एक थे। कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके नाम 9 गोल्ड मेडल सहित कुल 15 पदक जीतने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है। साल 2002 के मैनचेस्टर कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने अकेले 6 पदक जीतकर इतिहास रचा था। इसके अलावा, एशियन गेम्स में 3 गोल्ड मेडल जीतने वाले राणा ने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 590 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की थी।

खेल को अलविदा कहने के बाद उन्होंने बतौर कोच देश को कई नए सितारे दिए। हाल ही में पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतकर इतिहास रचने वाली मनु भाकर ने भी जसपाल राणा के मार्गदर्शन में ही यह मुकाम हासिल किया था। खेल में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें 1994 में अर्जुन पुरस्कार, 1997 में पद्मश्री और 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
