नई दिल्लीं। गर्भावस्था (Pregnancy) के नौ महीने हर महिला के लिए बेहद खास होते हैं। इस खूबसूरत सफर को सुरक्षित और तनावमुक्त बनाने के लिए योग एक बेहतरीन जरिया है। डॉक्टर्स के मुताबिक, प्रेगनेंसी के दौरान सही तरीके से किया गया योगाभ्यास न सिर्फ मां को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के विकास में भी मददगार साबित होता है। नियमित योग करने से मां की शारीरिक सक्रियता और शरीर का लचीलापन बढ़ता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है और पीठ दर्द व पैरों की सूजन जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलती है। इसके अलावा, प्राणायाम और ध्यान (Meditation) करने से प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले मूड स्विंग्स और तनाव कम होते हैं, जिससे गहरी व अच्छी नींद आती है।
योग के दौरान अनुलोम-विलोम जैसी ब्रीदिंग तकनीकों से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, जिससे मां और बच्चे दोनों को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है और थकान दूर होती है। यही नहीं, ताड़ासन और वृक्षासन जैसे हल्के आसन पाचन तंत्र को दुरुस्त कर गैस और कब्ज जैसी आम समस्याओं से भी छुटकारा दिलाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि योग से महिलाओं की सहनशक्ति और आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे वे प्रसव (Normal Delivery) के समय होने वाले दर्द और डर का सामना पूरी सकारात्मकता के साथ कर पाती हैं। गर्भावस्था में कोई भी योगासन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें और इसे हमेशा किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें।
