नई दिल्ली। रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के इस दौर में केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ (PMUY) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इस जनकल्याणकारी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाओं को लकड़ी व कोयले के जानलेवा धुएं से मुक्ति दिलाकर स्वच्छ ईंधन (LPG) उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को न सिर्फ मुफ्त गैस कनेक्शन मिलता है, बल्कि सरकार की तरफ से रसोई गैस पर मोटी सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है। देशभर में अब तक 10.55 करोड़ से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने वाली महिला की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और परिवार में पहले से कोई अन्य एलपीजी कनेक्शन नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए कुछ बेहद जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, जिनमें मुख्य रूप से केवाईसी (KYC) फॉर्म, आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, परिवार के सभी वयस्क सदस्यों के आधार कार्ड और सब्सिडी के पैसे सीधे खाते में पाने के लिए बैंक पासबुक की डिटेल शामिल है।
उज्ज्वला योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘Apply for New Ujjwala Connection’ के विकल्प को चुनना होगा। इसके बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस में से किसी एक ऑपरेटर को चुनकर अपनी जानकारी भरें और दस्तावेज अपलोड करके फॉर्म सबमिट कर दें। जो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, वे सीधे अपने नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर (वितरक) के पास जाकर मुफ्त आवेदन फॉर्म भरकर और दस्तावेज जमा करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
