उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव: अब साल में मिलेंगे सिर्फ 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर, सरकार ने बताया औसत खपत का गणित

Follow Us

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों के कोटे में बड़ी कटौती की है। अब योजना के लाभार्थियों को साल भर में 12 या 9 के बजाय केवल 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर ही मिल सकेंगे। सरकार ने इस फैसले के पीछे पश्चिम एशिया संकट और उसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी महंगाई व एलपीजी की लागत को मुख्य वजह बताया है। गौरतलब है कि मई 2016 में शुरू हुई इस योजना के तहत देश में करीब 10.60 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जिन्हें शुरुआत में सालाना 12 सिलेंडर पर सब्सिडी मिलती थी, जिसे पिछले साल घटाकर 9 और अब केवल 4 कर दिया गया है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा ने इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि संशोधित सीमा उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत वार्षिक गैस खपत के बिल्कुल करीब है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फरवरी के अंत में पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के बाद खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति प्रभावित हुई है और होर्मुज जलडमरूमध्य में आई रुकावटों के कारण घरेलू एलपीजी सिलेंडर की लागत बढ़कर 1,600 रुपये से अधिक हो गई है।

सरकार का तर्क है कि इस बदलाव के बावजूद आम और उज्ज्वला दोनों ही वर्ग के ग्राहकों को प्रति सिलेंडर 700 रुपये की सब्सिडी मिल रही है। नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को साल के पहले चार सिलेंडर 642 रुपये में मिलेंगे, जबकि बाकी के सिलेंडर के लिए 942 रुपये चुकाने होंगे। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस बढ़ी हुई लागत का बोझ पांच सदस्यों वाले परिवार पर रोजाना मात्र 20 पैसे के बराबर आएगा, जो कि अंतरराष्ट्रीय संकट के दौर में बेहद संतुलित कदम है।