रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी सरल कार्यशैली और प्रशासनिक सख्ती के कारण लगातार चर्चा में हैं। जनता से सीधे संवाद और समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देशों के साथ उन्होंने सुशासन को नई दिशा देने का प्रयास किया है। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने सूरजपुर, कोरिया और एमसीबी जिलों का औचक दौरा कर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। समीक्षा बैठकों में पेयजल समस्या, खराब परीक्षा परिणाम और खाद वितरण में अनियमितताओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों पर नाराजगी जताई तथा जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन के निर्देश दिए।

कोरिया जिले में खाद वितरण गड़बड़ी मामले में प्रभारी शाखा प्रबंधक कल्लू प्रसाद मिश्रा को निलंबित किया गया। वहीं दुर्ग जिले में जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान आम जनता से अशिष्ट व्यवहार के आरोप में जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ रूपेश कुमार पाण्डेय पर भी कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने सरगुजा के मैनपाट क्षेत्र में पेयजल संकट संबंधी समाचार पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर योजनाओं के प्रभाव को जाना। दुर्ग जिले के दिव्यांग हितग्राही तोपसिंग साहू को बैटरी संचालित ट्रायसाइकिल प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में नई उम्मीद भी दी। मुख्यमंत्री साय का कहना है कि शासन की सफलता तभी मानी जाएगी जब सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो।
