वैली ऑफ फ्लावर्स 2026: 1 जून से खुलेगा कुदरत का ‘जन्नत’ जैसा नजारा, जानें एंट्री से लेकर परमिट तक की पूरी बात

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देहरादून। प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क (Valley of Flowers) के कपाट 1 जून 2026 से आम जनता के लिए खुलने जा रहे हैं। यूनेस्को (UNESCO) की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शुमार यह खूबसूरत घाटी आगामी 31 अगस्त 2026 तक पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। गढ़वाल हिमालय के चमोली जिले में 87 वर्ग किलोमीटर में फैली इस घाटी की रेंज ऑफिसर चेतना कांडपाल ने खुद रास्ते का निरीक्षण कर तैयारियों को हरी झंडी दे दी है। मॉनसून के दस्तक देते ही यह पूरी घाटी ऑर्किड, पॉपी, गेंदा और डेज़ी जैसे 500 से अधिक प्रजाति के रंग-बिरंगे फूलों से सजकर किसी मखमली कालीन जैसी नजर आने लगती है।

इस खूबसूरत सफर की शुरुआत गोविंदघाट से होती है, जो ऋषिकेश और हरिद्वार से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा है। गोविंदघाट से घांघरिया बेस कैंप तक का ट्रैक पूरा करने के बाद, वैली ऑफ फ्लावर्स के लिए अंतिम 4 किलोमीटर की चढ़ाई शुरू होती है। हवाई मार्ग के लिए देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट और रेल मार्ग के लिए ऋषिकेश रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी पॉइंट हैं।

इस यात्रा के लिए कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना होगा, जैसे घाटी में प्रवेश करने के लिए वन विभाग से एंट्री परमिट लेना अनिवार्य है। ईको-सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए वैली के अंदर रात में रुकने की सख्त मनाही है, इसलिए पर्यटकों के ठहरने के लिए बेस कैंप घांघरिया ही सबसे बेस्ट विकल्प है जहाँ से सैलानियों को शाम होने से पहले वापस लौटना होता है। यदि आप भी इस साल प्रकृति के सबसे खूबसूरत रूप को देखना चाहते हैं, तो अपनी पैकिंग शुरू कर दीजिए!