इस्राइल में खुफिया जानकारी लीक?: जानें कौन से दस्तावेज लीक करने का आरोप

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इस्राइल की राजनीति एक बार फिर बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है, जहां प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी सलाहकार पर गंभीर आरोप लगे हैं। अटॉर्नी जनरल ने आरोप लगाया है कि सलाहकार ने गुप्त सैन्य दस्तावेज एक विदेशी मीडिया को लीक किए, जिससे देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। इस मामले ने न केवल सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विपक्ष को भी हमलावर होने का मौका दे दिया है। जांच एजेंसियां अब इस हाई-प्रोफाइल केस में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। इस फैसले ने न केवल राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले नेतन्याहू सरकार की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।

गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप
अटॉर्नी जनरल कार्यालय के अनुसार, सलाहकार जोनाथन उरिच पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2024 में एक जर्मन अखबार को अत्यंत संवेदनशील और वर्गीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराए। आरोप यह भी है कि इस जानकारी का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ हासिल करने और गाजा युद्ध के दौरान हमास के साथ विफल बातचीत को लेकर प्रधानमंत्री नेतन्याहू की छवि को बचाने के प्रयास में किया गया। इसके अलावा उरिच पर गोपनीय दस्तावेज रखने और सबूत नष्ट करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए जाने की तैयारी है।

सरकार और आरोपों पर विवाद
इस मामले पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, उरिच के वकीलों ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि यह निर्णय तथ्यों से परे और गलत व्याख्या पर आधारित है। वहीं, उरिच ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह आश्चर्य की बात है कि अटॉर्नी जनरल ने इस मामले में मौत की सजा की मांग नहीं की।