रत्नागिरी के जंगल में बारूदी धमाका: लकड़ी बीनने गई महिला के उड़े हाथ के चिथड़े, इलाके से 25 जिंदा बम मिलने से मचा हड़कंप

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रत्नागिरी। महाराष्ट्र का शांत माना जाने वाला कोंकण क्षेत्र उस वक्त दहल उठा, जब रत्नागिरी जिले के जंभारी फाटा इलाके में एक खौफनाक हादसा सामने आया। मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे 45 वर्षीय रेशमा प्रमोद सुर्वे अपने घर का चूल्हा जलाने के लिए जंगल में सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में उन्हें एक संदिग्ध बंडल दिखाई दिया। रेशमा ने अनजाने में जैसे ही उस वस्तु को हाथ लगाया, उसमें एक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना भयानक था कि रेशमा के बाएं हाथ की उंगलियों के चिथड़े उड़ गए। लहूलुहान हालत में उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर प्लास्टिक सर्जरी के लिए मुंबई रेफर कर दिया है।

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद जब सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस बल हरकत में आए, तो सर्च ऑपरेशन के दौरान इलाके से 20 से 25 जिंदा देसी बम बरामद हुए। इतनी बड़ी तादाद में बारूद मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सुरक्षा के मद्देनजर बम निरोधक दस्ते (BDDS) ने पूरे जंभारी क्षेत्र को सील कर दिया है और वरिष्ठ अधिकारी मामले की सघन जांच में जुट गए हैं।

शुरुआती जांच में पुलिस को अंदेशा है कि, ये बम जंगली सुअरों का अवैध शिकार करने वाले शिकारियों ने वहां छुपाए होंगे। हालांकि, पुलिस इस बात की भी गंभीरता से तफ्तीश कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ी आपराधिक या असामाजिक साजिश तो नहीं थी। फिलहाल इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों में भारी डर और दहशत का माहौल बना हुआ है।