सरकार ने षडयंत्र पूर्वक लक्ष्य से कम धान खरीदा, अभियान चलाकर 15 दिन और धान खरीदी की जाये – दीपक बैज

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बंद कर दिया है। लेकिन अभी भी प्रदेश के लाखों किसान अपना धान नहीं बेच पाये है। इस साल सरकार ने मात्र 53 दिन ही धान खरीदा। अंतिम तिथि भी 31 जनवरी थी, लेकिन अंतिम 2 दिन शनिवार और रविवार होने के कारण खरीदी नहीं हुई। पूर्व में घोषित 75 दिन भी पूरी खरीदी नहीं किया गया। इस वर्ष सरकार के द्वारा घोषित लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन था, लेकिन सरकार ने मात्र 139 लाख 85 हजार मीट्रिक टन ही धान खरीदी किया गया। लक्ष्य से 25 लाख मीट्रिक टन कम धान खरीदी किया गया। पिछले साल सरकार ने 149 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था, इस वर्ष पिछले साल के मुकाबले 9 लाख 15 हजार मीट्रिक टन कम की खरीदी की गयी। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कुल 27 लाख किसानों का पंजीयन हुआ था, जिसमें से 2.5 लाख किसान अपना धान नहीं बेच पाये। लगभग 5 लाख किसानो का एग्रीस्टेक पोर्टल की परेशानी के कारण पंजीयन नहीं हुआ। किसानों को धान बेचने से रोकने बिना सहमति जबरिया रकबा सरेंडर करवा दिया गया। पूर्व से जारी टोकन को निरस्त करवाया गया। हजारो किसान सरकार के इस षडयंत्र का शिकार हुये। धान का टोकन नहीं मिलने, धान की खरीदी नहीं होने के कारण प्रदेश के महासमुंद, कवर्धा, कोरबा, जैसे स्थानों पर अनेको किसानों ने आत्महत्या का प्रयास किया। एक ने आत्महत्या भी किया। यह बताता है कि प्रदेश में धान खरीदी के कारण किसान परेशान हुये। सिर्फ नारायणपुर, बलरामपुर, बस्तर में पिछले साल के लगभग बराबर धान की खरीदी हुई, शेष सभी जिलों में 5 प्रतिशत से लेकर 32 प्रतिशत तक कम खरीदी सरकार ने किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार की तरफ से कम खरीदी के लिये जश्न मनाया गया। अपने कर्मचारियो को जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से जिलेवार हुई धान खरीदी के आंकड़े जारी किये गये, जिसमें किस जिले में कितनी खरीदी हुई। पिछले साल से कितने प्रतिशत कमी हुई इसका ब्योरा है। सरकार ने अपने आंकड़े में माना है कि प्रदेश के अधिकांश जिलो में पिछले साल के मुकाबले कम खरीदी हुई इसके लिये खाद विभाग, राजस्व विभाग, सहकारिता विभाग नान एवं जिला तथा ब्लाक के अधिकारियो को एसएमएस के जरिये बधाई दिया गया है। यदि लक्ष्य से कम खरीदी हुई है तो किस बात की बधाई। बधाई दे रहे मतलब साफ है आपका ईरादा कम खरीदी का था, आप उसमें कामयाब हुये। लक्ष्य से कम के लिये फटकार लगानी थी, नहीं लगाये क्यो? मतलब कम खरीदी ही आपका लक्ष्य था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार अभियान चलाकर धान खरीदी 15 दिनों के लिये फिर शुरू करें ताकि बचे सभी किसानों का धान समर्थन मूल्य में खरीदा जा सके।