आम बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल सहित कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं, आयकर में कोई बदलाव नहीं

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नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार अपना नौवां बजट पेश किया है। लोकसभा में उनका बजट भाषण कुल 85 मिनट रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल से लेकर आयकर टैक्स के लिए कई ऐलान किए हैं। वहीं आयकर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर क्या ऐलान?
बडट में युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर जोर बढ़ाया जाएगा। शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर बनेगी उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति। 2047 तक 10 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाया जाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर जोर देगी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवरों को तैयार करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
बैंकिंग सेक्टर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बैंकिंग सेक्टर के लिए कई ऐलान किए। उन्होंने कहा- बैंकिंग क्षेत्र में सुधार-आधारित विकास जारी रहेगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं इसमें विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी हैं। उन्होंने कहा बड़े शहरों में ज्यादा मूल्य के म्यूनिसिपल बॉन्ड के बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
ग्रामीण महिलाओं के लिए शी-मार्ट्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम यानी शी-मार्ट्स की शुरुआत होगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा- पिछले दशक में सरकार ने इन्फ्रा निवेश पर काफी ध्यान दिया। वहीं पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इन्फ्रा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर जारी रहेगा। इसके लिए-
2026-27 में पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव।
आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी।
पर्यटन-
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी। वल्र्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग- हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। ओडिशा, कर्नाटक, केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे। धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
खेल
खेलो इंडिया मिशन की स्थापना होगी। अगले 10 वर्ष में इसके तहत काम किया जाएगा। इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनाएंगे। व्यवस्थित तरीके से कोच और सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतियोगिताएं और लीग होंगी। खेल ढांचे को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए विकसित किया जाएगा।
कपड़ा उद्योग
वित्त मंत्री ने बताया कि कपड़ा उद्योग के लिए बजट में रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाए दाने का प्रावधान है। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
20 नए जल मार्ग और सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग शुरू होंगे। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान ऐलान किया कि देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें मुंबई पुणे, पुणे हैदराबाद, हैदराबाद बंगलूरू, हैदराबाद चेन्नई, चेन्नई बंगलूरू, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल है।

एमएसएमई– सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को 10 हजार करोड़ की विकास निधि का प्रस्ताव रहेगा। आत्मनिर्भर भारत निधि में दो हजार करोड़ रुपये के टॉप-अप का प्रस्ताव रहेगा। तरलता बढ़ाने के लिए लेनदेन निपटान प्लेटफॉर्म बनेगा। क्रेडिट गारंटी सपोर्ट दिया जाएगा।

कॉर्पोरेट मित्र- टियर-टू और टियर-3 कस्बों में कॉर्पोरेट मित्र बनाए जाएंगे। इससे पेशेवर संस्थानों को सुविधा मिलेगी। पांच लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-टू और टियर-3 में विकास पर ध्यान दिया जाएगा। आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी।

रिफॉर्म एक्सप्रेस
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा- रिफॉर्म के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की थी। इसके बाद कई सुधार लाए गए हैं। उच्च स्तरीय समितियां गठित की गई हैं। केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ काम कर रही हैं ताकि सुधार लाए जा सकें। रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। पहले कर्तव्य के तहत छह क्षेत्रों में कदम उठाए जाएंगे। जैसे- सात क्षेत्रों पर फोकस होगा। चैम्पियन एमएसमएई पर ध्यान दिया जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में आर्थिक ढांचा मजबूत होगा।

बायो फार्मा शक्ति– इसमें ज्ञान, टेक्नोलॉजी और नवाचार के जरिए विकास होगा। किफायती दवाओं पर ध्यान दिया जाएगा। भारत को वैश्विक बायो फार्मा हब बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इस पर अगले पांच साल में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। बायो फार्मा के तीन नए राष्ट्रीय संस्थान बनेंगे। सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को अपग्रेड किया जाएगा।

सेमी कंडक्टर मिशन– इसमें उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान दिय जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम के तहत लक्ष्य से दोगुना हासिल किया जा चुका है। इसमें 40 हजार करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा जा रहा है।

रेयर अर्थ– ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनेंगे ताकि वहां पर खनन और शोध हो सके। इससे आयात निर्भरता घटेगी।

वित्त मंत्री ने बताए सरकार के तीन कर्तव्य
पहला कर्तव्य- आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना है।
दूसरा कर्तव्य- अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमताओं का निर्माण विकसित करना है।
तीसरा कर्तव्य- सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप विकास है।

यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा- सरकार विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगा। भारत वैश्विक बाजार के साथ गहनता से जुड़ा रहेगा। मैं पार्ट-ए की शुरुआत करते हुए इस देश के नागरिकों का आभार प्रकट करना चाहूंगा, जिन्होंने इस देश को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है। कर्तव्य भवन में यह बजट बना है। पहला कर्तव्य है- आर्थिक विकास को सतत तरीके से बढ़ाना। दूसरा कर्तव्य है- जनआकांक्षाओं को पूरा करना। तीसरा कर्तव्य है- सबका साथ, सबका विकास। यह सुनिश्चित करना कि सभी को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान रूप से पहुंच मिले।

नई प्रौद्योगिकी उत्पादन प्रणालियों को बदल रही है- वित्त मंत्री
वित्त मंत्री ने कहा- हम ऐसी बाहरी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं जहां व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में है। नई प्रौद्योगिकी उत्पादन प्रणालियों को बदल रही है। भारत विकसित भारत की ओर विश्वास से भरे कदम उठाता रहेगा। भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होकर अधिक से अधिक निर्यात करना होगा। विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में लोगों का साथ खड़े रहने के लिए आभार। हमारा लक्ष्य विकास का लाभ सभी वंचित वर्गों और महिलाओं तक सुनिश्चित करना है।

विदेश यात्रा और पढ़ाई पर मिली बड़ी राहत, टूर पैकेज पर  दरें भी घटीं
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों में सरकार ने करदाताओं को दोहरी राहत दी है। एक तरफ जहां विदेश यात्रा और शिक्षा पर लगने वाले टीसीएस की दरों में कटौती कर मध्यम वर्ग को खुश करने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी तरफ अघोषित विदेशी संपत्ति रखने वालों को ‘क्लीन स्लेट’ के साथ मुख्यधारा में लौटने का एक मौका दिया गया है। विदेश यात्रा कार्यक्रम पर पैकेज की बिक्री पर टीसीएस दर घटाकर 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव कर दिया गया है। शिक्षा और चिकित्सा के लिए एलआरएस के तहत टीसीएस दर दो प्रतिशत कर दिया गया है। कार्यबल सेवाओं पर टीडीएस की दर घटाकर एक या दो प्रतिशत कर दी गई है।

स्वास्थ्य
‘सस्ती दवाइयां, 2.5 लाख नौकरियां, 3 नए आयुर्वेदिक संस्थान’; स्वास्थ्य बजट के बड़े एलान
सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया है। विकसित भारत के लक्ष्य को सामने रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,04,599 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा गया है।
कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत
बजट में कैंसर के इलाज को सस्ता बनाने पर जोर दिया गया है। 17 जरूरी कैंसर की दवाओं पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह हटा दिया गया है। इस फैसले से कैंसर मरीजों के लिए महंगी दवाएं सस्ती हो जाएंगी। इसके अलावा, 7 अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर भी इंपोर्ट ड्यूटी में छूट दी गई है।

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा
देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इन हब को बनाने में निजी क्षेत्र की भी भागीदारी होगी। इन हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स में आयुष केंद्र, जांच केंद्र और इलाज के बाद की देखभाल के लिए सेंटर भी होंगे। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

2.5 लाख नौकरियों की सौगात
बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया है। अगले 5 वर्षों में 1 लाख सहायक स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, 1.5 लाख केयर गिवर्स भी तैयार किए जाएंगे, जो खासकर बुजुर्गों की देखभाल करेंगे। रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया जैसे विषयों की पढ़ाई कराने वाले संस्थानों को भी बेहतर बनाया जाएगा।

3 नए आयुर्वेद संस्थान की घोषणा
सरकार ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा देने का फैसला किया है। देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोले जाएंगे। योग और आयुर्वेद को दुनिया भर में पहचान दिलाने के लिए काम किया जाएगा। जामनगर में स्थित ङ्ख॥ह्र के ग्लोबल सेंटर को और मजबूत किया जाएगा, जिससे आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्यात भी बढ़ेगा।

खेती- किसानी
केंद्रीय बजट 2026 में किसानों के लिए सरकार ने बड़े ऐलान किए हैं। इस बार कृषि मंत्रालय के लिए कुल 1.40 लाख करोड़ रूपए से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी। वित्त मंत्री ने बताया कि स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे। जबकि पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे। पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।

भारतीय काजू और कोको के लिए बनेंगे समर्पित कार्यक्रम
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा। भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा। वहीं अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि एआई टूल- भारत-ङ्कढ्ढस्ञ्ज्र्रक्र कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुवाई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम  शुरू किए जाएंगे।

बुनियादी ढांचे पर जोर, कैपेक्स 12.2 लाख करोड़ रूपए

वित्त मंत्री ने आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने के लिए पूंजीगत व्यय में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। इसके साथ ही, सरकार ने भविष्य की तकनीकों, एमएसएमई और ग्रीन एनर्जी के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया है। बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। यह वित्त वर्ष 2026 के 11.2 लाख करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बढ़ा हुआ खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की गति को बनाए रखने और आर्थिक विकास को सहारा देने के लिए है।

4 राज्यों में बनेंगे ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’
महत्वपूर्ण खनिजों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार ने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देना है। नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (क्रश्वक्करू) के लिए शुरू की गई योजना को विस्तार देते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि चीन जैसे देशों पर आयात निर्भरता कम की जा सके।

3. ‘बायो-फार्मा शक्ति’ और हेल्थकेयर
भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए ‘बायो-फार्मा शक्ति’ कार्यक्रम का ऐलान किया गया है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। इस योजना के तहत 3 नए राष्ट्रीय संस्थान बनाए जाएंगे और 7 मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही, दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल ड्रग कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन का आधुनिकीकरण किया जाएगा।

4. सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये के खर्च का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 की सफलता के बाद अब ‘सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ लॉन्च किया जाएगा, जो इक्विपमेंट, मटीरियल्स और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर केंद्रित होगा।
5. एमएसएमई और टेक्सटाइल छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘चैम्पियन एसएमई’ बनाने हेतु 10,000 करोड़ रुपये का फंड बनाने का प्रस्ताव रखा है।

रक्षा बजट में बढ़ोतरी
साल 2026 के रक्षा बजट में कुल 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। रक्षा मंत्रालय के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 78 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वहीं रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए 21 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि असैनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जों पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी। जबकि रक्षा क्षेत्र की ईकाइयों द्वारा रख-रखाव, मरम्मत अथवा अन्य आवश्यकताओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण के लिए आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।

भारत के सर्विस सेक्टर का ‘्रढ्ढ टेस्टÓ शुरू! सरकार ने बनाई सुपर कमेटी
बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी ्रढ्ढ की बढ़ती भूमिका को लेकर एक बड़ा कदम उठाने की घोषणा की गई है। जी हां, सरकार ने बताया कि सर्विस सेक्टर पर ्रढ्ढ के प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं की गहराई से समीक्षा करने के लिए एक सुपर कमेटी बनाई जाएगी। यह समिति आकलन करेगी कि ्रढ्ढ किस तरह मौजूदा सर्विस को बदल रहा है और आने वाले सालों में कौन-सी नई चुनौतियां व अवसर सामने आ आने की उम्मीद है।

बज़ट की बड़ी घोषणाएं
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए
0 इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपए का प्रस्ताव
0 घरेलू उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए बनेंगे तीन रसायनिक पार्क, मेगा टेक्सटाइल पार्क
0 सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के जरिये तैयार उपकरण एवं सामग्री के उत्पादन पर जोर
0 रूस्रूश्व क्षेत्र में चैंपियन बनने के लिए कोष बनाने का प्रस्ताव
0 ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में लगेंगी रेयर अर्थ इकाइयां
0 वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी माहौल बनाने के लिए कंटेनर विनिर्माण योजना का प्रस्ताव
0 स्टील और सीमेंट जैसे क्षेत्रों के लिए 20,000 करोड़ रुपए का प्रावधान
0 नेचुरल यार्न स्कीम एवं रोजगार योजना और राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम का प्रस्ताव
0 सरकारी वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के तहत क्रश्वष्ट, क्कस्नष्ट के पुनर्गठन का प्रस्ताव

बजट की बड़ी बातें

0 दिव्यांग जन कौशल योजना शुरू होगी
0 दिव्यांग सहारा योजना लाई जाएगी
0 नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट रांची में प्रस्तावित
0 बुद्धा सर्किट बनाया जाएगा
0 खेल क्षेत्र में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन
0 आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों की स्थापना की जाएगी
0 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें मंजूर, राज्यों को 41फीसदी टैक्स ट्रांसफर
0 वेटरनरी कॉलेज और डायग्नोस्टिक लैब के लिए पूंजी सब्सिडी सहायता

राजकोषीय घाटा 4.3 फीसदी रहने का अनुमान असर
0 घाटा कम होने का मतलब है कि सरकार कम ब्याज चुकाएगी
0 पैसा जनहित की योजनाओं पर खर्च होगा
0 जब सरकार बाजार से कम उधार लेती है, तो सिस्टम में पैसा बढ़ेगा
0 बाजार में ब्याज दरों पर दबाव कम होगा
0 निजी क्षेत्र के पास विस्तार के लिए सस्ता फंड उपलब्ध होगा
0 भारत की ‘क्रेडिट रेटिंग’ के लिए सकारात्मक

कर्ज-जीडीपी अनुपात 55.6 फीसदी रहने का प्रस्ताव असर
0 भारत की ग्लोबल रेटिंग में सुधार होगा
0 कर्ज अनुपात कम होने से सरकार के पास पैसा बचेगा
0 स्वास्थ्य, शिक्षा और मनरेगा जैसी योजनाओं पर अधिक खर्च होगा
0 घाटा पूरा करने के लिए बाजार से बहुत ज्यादा उधार नहीं लेना पड़ेगा
0 लंबे समय में महंगाई को काबू में रखने में मदद मिलेगी
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बजट से भारत को नई ऊर्जा और गति मिलेगी- पीएम मोदी
बजट के बाद पीएम मोदी ने कहा, यह बजट 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी उच्च उड़ान के लिए एक मजबूत आधार है। दोस्तों, भारत जिस सुधार की रफ्तार पर सवार है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत के 140 करोड़ नागरिक केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने से संतुष्ट नहीं हैं; हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं।
बजट में महिला शक्ति की झलक
उन्होंने कहा, बजट ऐतिहासिक है। यह देश की महिला शक्ति के सशक्त सशक्तिकरण को दर्शाता है। महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला जी ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह बजट अपार अवसरों का द्वार है। यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।
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कांग्रेस ने बताया फीका, राहुल ने कहा- संसद में बोलूंगा
केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि कल कहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं कल संसद द्वारा दिए गए मंच का इस्तेमाल करके बोलूंगा। वहीं, कांग्रेस ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने इसे पूरी तरह से फीका बजट करार दिया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि ‘हालांकि दस्तावेजों का विस्तार से अध्ययन किया जाना अभी बाकी है, लेकिन 90 मिनट बाद ही यह स्पष्ट हो गया है कि बजट 2026/27 के बारे में जो भारी माहौल बनाया गया था, उसके मुकाबले यह कहीं कमतर रहा है। यह पूरी तरह फीका साबित हुआ। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि बहुत कम जानकारी मिली। 3-4 मुख्य बिंदु थे, लेकिन हम अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (आयुर्वेदिक ्रढ्ढढ्ढरूस्) का इंतजार कर रहे थे। यह कहां है? हम इसे केरल में चाहते थे। आयुर्वेद की हमारी एक लंबी परंपरा रही है। लेकिन हमने केरल का नाम नहीं सुना। हमने मछुआरों और नारियल के नाम सुने यह केरल हो सकता था, लेकिन जब उन्होंने जहाज मरम्मत की बात की, तो उन्होंने वाराणसी और पटना का नाम लिया, केरल का नहीं। यह थोड़ा आश्चर्यजनक है। लेकिन शायद बजट दस्तावेज में और अधिक जानकारी हो। मैंने अभी तक इसे पढ़ा नहीं है। हालांकि भाषण में बहुत कम जानकारी दी गई थी।

यह सुधार बजट नहीं, विकृत बजट है- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, यह सुधार बजट नहीं, विकृत बजट है… यह बजट देश की 5त्न आबादी के लिए है। भाजपा सिर्फ अपने लोगों को लुभाने की कोशिश कर रही है।’
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सस्ता
सोलर उपकरण,
जूते,
मोबाइल बैटरी
कैंसर सहित 7 गंभीर रोगों की दवाएं
महंगा
शराब
स्क्रैप
खनिज पदार्थों
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